#चंदवा #शिक्षा_सम्मान : राजभवन रांची के लोक भवन में आयोजित एट होम समारोह में प्राचार्य हिमांशु सिंह को विशेष आमंत्रण।
चंदवा के ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य हिमांशु सिंह को राजभवन रांची में आयोजित एट होम समारोह में विशेष आमंत्रण मिला। पूरे झारखंड से चयनित तीन प्राचार्यों में उनका नाम शामिल होना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान विद्यालय की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और नवाचार की पहचान माना जा रहा है।
- हिमांशु सिंह, प्राचार्य – ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल, शीर्ष 3 में चयनित।
- आयोजन स्थल – राजभवन रांची, लोक भवन।
- समारोह में मौजूद रहे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार।
- पूरे झारखंड से केवल तीन प्राचार्यों को मिला आमंत्रण।
- विद्यालय प्रबंधन ने इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
लातेहार। चंदवा के शैक्षणिक परिदृश्य में एक नई उपलब्धि जुड़ गई है। ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल (GTPS) के प्राचार्य हिमांशु सिंह को रांची स्थित राजभवन के लोक भवन में आयोजित विशेष ‘एट होम’ समारोह में आमंत्रित किया गया। पूरे झारखंड से चयनित मात्र तीन प्राचार्यों में उनका नाम शामिल होना विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बन गया है।
राजभवन में विशेष आमंत्रण, राज्य स्तर पर पहचान
यह गरिमामय समारोह महामहिम राज्यपाल 0 की उपस्थिति में आयोजित हुआ। समारोह में राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए।
राजभवन से मिला यह विशेष आमंत्रण इस बात का संकेत है कि ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल ने गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। छोटे कस्बे के विद्यालय से राज्य स्तर के इस मंच तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान की औपचारिक मान्यता
समारोह में प्राचार्य हिमांशु सिंह की सहभागिता को शिक्षा जगत में उनके योगदान की औपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा:
राजभवन से सीधे मिला यह निमंत्रण हमारे लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है। यह हमें शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचाई पर ले जाने की प्रेरणा देता है।
प्रबंधन ने आगे बताया कि विद्यालय की डायरेक्टर की दूरदर्शी सोच, शिक्षकों की निष्ठा और विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों ने इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
चंदवा क्षेत्र के अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों ने इसे “चंदवा के लिए गौरव का क्षण” बताया है। उनका कहना है कि इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि पूरे क्षेत्र का शैक्षणिक वातावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित होगा।
स्थानीय स्तर पर विद्यालय की साख में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन को लेकर अभिभावकों में उत्साह बढ़ा है। कई अभिभावकों का मानना है कि जब किसी विद्यालय के प्राचार्य को राज्य स्तर पर सम्मान मिलता है, तो यह संस्थान की गुणवत्ता का प्रमाण होता है।
छोटे कस्बे से राज्य स्तर तक
ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल की यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, गुणवत्ता और मजबूत नेतृत्व के बल पर छोटे कस्बों के विद्यालय भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुशासन और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान देने से ही ऐसी उपलब्धियां संभव होती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, तकनीकी संसाधनों को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए प्रयास करेगा।
न्यूज़ देखो: छोटे शहरों से उठती बड़ी पहचान
चंदवा के लिए यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार है। जब स्थानीय विद्यालय राज्य स्तर पर पहचान बनाते हैं, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनता है। गुणवत्ता और नेतृत्व का यह मॉडल अन्य संस्थानों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
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शिक्षा में उत्कृष्टता ही असली पहचान
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से ही समाज का भविष्य तय होता है।
स्थानीय विद्यालयों को प्रोत्साहित करें और सकारात्मक पहल का समर्थन करें।
बच्चों को बेहतर शिक्षा और अनुशासन का वातावरण दें।
छोटे कस्बों से भी बड़े सपने साकार हो सकते हैं।
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