
#रांची #पत्रकारिता_सम्मेलन : राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर पत्रकारिता की चुनौतियों व संगठनात्मक मजबूती पर होगा मंथन।
झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के तत्वावधान में राजधानी रांची स्थित प्रेस क्लब परिसर में दो दिवसीय राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ पत्रकार और यूनियन पदाधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकार, मीडिया की विश्वसनीयता और संगठनात्मक सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा करना है। इसे झारखंड में पत्रकारिता को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- रांची प्रेस क्लब परिसर में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन।
- पहले दिन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की राष्ट्रीय बैठक।
- दूसरे दिन झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन।
- फर्जी पत्रकारिता और मीडिया की विश्वसनीयता पर विशेष मंथन।
- देश के 15 से अधिक राज्यों से वरिष्ठ पत्रकारों की भागीदारी।
- झारखंड के सभी जिलों से पत्रकार प्रतिनिधियों की उपस्थिति।
झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर राष्ट्रीय पत्रकारिता विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल राज्य बल्कि देशभर के पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय रांची प्रेस क्लब परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पत्रकारिता से जुड़े समसामयिक मुद्दों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
पहले दिन राष्ट्रीय स्तर की अहम बैठक
सम्मेलन के पहले दिन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में वर्तमान दौर में पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
बैठक में विशेष रूप से पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और यूनियन को और अधिक सशक्त बनाने जैसे विषयों को एजेंडे में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा संगठन को मजबूत करने के लिए भविष्य की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा।
देशभर से आएंगे वरिष्ठ पत्रकार
इस राष्ट्रीय बैठक में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा, असम और बिहार से भी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए पत्रकार अपने-अपने राज्यों में पत्रकारिता की स्थिति, समस्याओं और अनुभवों को साझा करेंगे, जिससे एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित किया जा सके।
दूसरे दिन झारखंड स्तर पर मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राज्य में पत्रकारिता से जुड़े विशिष्ट मुद्दों पर फोकस किया जाएगा।
विशेष रूप से फर्जी पत्रकारिता के कारण पत्रकारिता जगत को हो रहे नुकसान, मीडिया की विश्वसनीयता पर पड़ रहे प्रभाव और इससे निपटने की रणनीति पर गहन चर्चा की जाएगी। यह विषय हाल के वर्षों में पत्रकार समाज के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है।
संगठनात्मक मजबूती पर जोर
प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में यूनियन के पुनर्गठन, संगठनात्मक मजबूती, सदस्यता विस्तार और पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर भी विचार किया जाएगा।
राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा करेंगे, जिससे यूनियन की नीतियों और कार्ययोजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।
झारखंड के सभी जिलों की भागीदारी
इस दो दिवसीय सम्मेलन में झारखंड के लगभग सभी जिलों से पत्रकार भाग लेंगे। इनमें पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम सहित रांची जिले के विभिन्न अंचलों से आए पत्रकार शामिल होंगे।
इस व्यापक भागीदारी से यह सम्मेलन राज्यस्तरीय पत्रकारिता की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करेगा।
राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रण
आयोजकों ने बताया कि इस सम्मेलन में राज्य के प्रमुख राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। ये जनप्रतिनिधि पत्रकारों की समस्याओं और मीडिया से जुड़े मुद्दों से अक्सर रूबरू होते रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान पत्रकार और जनप्रतिनिधि एक साझा मंच पर संवाद कर सकेंगे, जिससे मीडिया और शासन के बीच बेहतर समझ विकसित होने की उम्मीद है।
पत्रकारिता को नई दिशा देने की पहल
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि झारखंड में पत्रकारिता को नई दिशा देने, संगठन को सशक्त बनाने और मीडिया की गरिमा को और मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव आने वाले समय में पत्रकार संगठनों की रणनीति और कार्यशैली को प्रभावित कर सकते हैं।
न्यूज़ देखो: पत्रकारिता के आत्ममंथन का मंच
रांची में होने वाला यह दो दिवसीय सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब पत्रकारिता कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। फर्जी पत्रकारिता, सुरक्षा और अधिकार जैसे मुद्दों पर खुला मंथन बेहद जरूरी है। अब यह देखना अहम होगा कि सम्मेलन से निकलने वाले प्रस्ताव किस हद तक जमीनी बदलाव ला पाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए एकजुटता जरूरी
लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता अनिवार्य है। ऐसे सम्मेलन पत्रकारों को एक मंच पर लाकर साझा संघर्ष और समाधान की राह दिखाते हैं।
आप भी इस पहल पर अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और पत्रकारिता की गरिमा को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।







