
#गुमला #कुपोषणमुक्तसमाज : डुमरी प्रखंड की 63 आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
डुमरी प्रखंड के जैरागी पंचायत भवन और प्रखंड कार्यालय में कुपोषण मुक्त समाज निर्माण को लेकर 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डुमरी प्रखंड की सात पंचायतों की 63 आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशु के सुनहरे 1000 दिन, पोषण संतुलन और कुपोषण रोकथाम से संबंधित जानकारी देना था। सभी सेविकाएं इस जानकारी का उपयोग अपने गांवों में बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को बढ़ावा देने के लिए करेंगी।
- प्रशिक्षण में कुल 63 आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया।
- प्रशिक्षण 6–7 जनवरी और 8–9 जनवरी को आयोजित किया गया।
- जैरागी, जूरमु, अकाशी, उदनी, डुमरी, नवाडीह और करनी पंचायत की सेविकाएं शामिल।
- पहला दिन शिशु के 1000 दिन, पोषण संतुलन और कुपोषण के प्रकार पर केंद्रित।
- दूसरे दिन कुपोषण रोकथाम, टीकाकरण, PLA बैठक और ग्राफ प्लॉटिंग पर प्रशिक्षण।
- समर अभियान की जानकारी भी दी गई।
डुमरी प्रखंड में आयोजित इस द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एकजुट संस्था द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और कुपोषण रोकने के तरीकों में प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण में सेविकाओं को शिशु के सुनहरे 1000 दिनों की महत्वता, बच्चों के आहार में गुणवत्ता सुनिश्चित करना, पोषण संतुलन बनाए रखना और कुपोषण के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी गई।
बैच और प्रशिक्षण स्थल
- बैच 3 का प्रशिक्षण 6 और 7 जनवरी को जैरागी पंचायत भवन में हुआ। इसमें जैरागी, जूरमु, अकाशी और उदनी पंचायत की सेविकाओं ने भाग लिया।
- बैच 4 का प्रशिक्षण 8 और 9 जनवरी को डुमरी प्रखंड कार्यालय में आयोजित किया गया। इसमें डुमरी, नवाडीह और करनी पंचायत की सेविकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के मुख्य विषय
पहले दिन सेविकाओं को शिशु के सुनहरे 1000 दिनों की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के आहार में पोषण गुणवत्ता सुनिश्चित करने, पोषण संतुलन बनाए रखने और कुपोषण के प्रकारों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
दूसरे दिन कुपोषण रोकने के उपाय, टीकाकरण, PLA बैठक, बच्चों की वृद्धि की निगरानी और ग्राफ प्लॉटिंग के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही समर अभियान की जानकारी भी साझा की गई, जिससे सेविकाएं अपने-अपने गांवों में कुपोषण और स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता फैला सकें।
प्रमुख उपस्थित अधिकारी और प्रशिक्षक
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थित अधिकारी और प्रशिक्षक थे:
- एल एस रेखा कुमारी बरनवाल
- पुष्पा देवी (प्रशिक्षक)
- दीमोल मरांडी
- एकजुट संस्था के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक अभिनंदन घोष
- एम आई एस रेणु यादव
- फील्ड फैसिलिटेटर आश्रिता तिर्की
- गीता एक्का एवं डुमरी प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं
प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक अभिनंदन घोष ने कहा: “इस प्रशिक्षण से सेविकाओं को आवश्यक ज्ञान मिलेगा और वे अपने गांवों में कुपोषण के खिलाफ सक्रिय कदम उठाएंगी।”
प्रशिक्षण का महत्व और प्रभाव
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से सेविकाओं को शिशु और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण संतुलन और कुपोषण रोकने के तरीकों में दक्ष बनाया गया। प्रत्येक सेविका अपने गांव में इस ज्ञान का प्रयोग कर बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में योगदान देगी। कार्यक्रम के दौरान सेविकाओं को समर अभियान की जानकारी भी दी गई, जिससे वे वर्षभर के अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हो सकें।

न्यूज़ देखो: डुमरी प्रखंड की सेविकाओं को कुपोषण रोकने की क्षमता में वृद्धि
डुमरी में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल सेविकाओं को सशक्त बनाने और कुपोषण पर नियंत्रण लाने में मददगार साबित होगी। क्या राज्य सरकार इस तरह के प्रशिक्षण को पूरे गुमला जिले में विस्तारित करेगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज की दिशा में नागरिक सक्रियता
हमारे बच्चों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। प्रशिक्षण प्राप्त सेविकाएं अपने गांवों में जागरूकता फैलाकर कुपोषण को रोक सकती हैं। सभी नागरिकों को चाहिए कि वे आंगनबाड़ी सेविकाओं का सहयोग करें, बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सजग रहें और इस पहल को साझा करें। अपने गांव में बच्चों के पोषण और विकास को बढ़ावा देने में योगदान दें।




