हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत, वन विभाग की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत, वन विभाग की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #हाथीहमला #चिनिया थाना क्षेत्र के चिरका गांव में रात के समय जंगली हाथी ने किया हमला — दो लोगों की मौके पर ही मौत, वन विभाग की चुप्पी पर नाराज ग्रामीण
  • जंगली हाथी ने चिरका गांव में दो ग्रामीणों को कुचला
  • मृतकों में प्रमिला देवी (35) और सुधीर सोरेन (30) शामिल
  • हादसे के कई घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
  • इलाके में पहले से हाथियों की मौजूदगी की जानकारी थी
  • ग्रामीणों ने मुआवजा और उच्चस्तरीय जांच की मांग की

दर्दनाक हादसे ने गांव में भर दिया मातम

गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिरका गांव में रविवार रात 9 बजे एक जंगली हाथी के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान किशुन भुइयाँ की पत्नी प्रमिला देवी (35 वर्ष) और सुधीर सोरेन (30 वर्ष) के रूप में हुई है।
दोनों ग्रामीण किसी जरूरी कार्य से गांव के बाहर गए थे, तभी एक जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें बेरहमी से कुचल दिया।

हाथी की चपेट में आने से मौके पर ही हुई मौत

हाथी का हमला इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरा गांव दहशत के माहौल में डूब गया।
मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वन विभाग की लापरवाही पर उबाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के कई घंटे बाद तक वन विभाग की कोई भी टीम मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताया है और आरोप लगाया कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से हाथियों की लगातार मौजूदगी की जानकारी थी, फिर भी विभाग ने न तो कोई चेतावनी जारी की और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए।

चेतावनी और निगरानी में विफल रहा विभाग

ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग ने समय रहते कदम उठाए होते तो यह हादसा टल सकता था।
प्रभावित क्षेत्र में ना तो गश्त हो रही थी, ना ही किसी प्रकार की सैंद्धांतिक निगरानी।
इससे यह हादसा प्रशासनिक निष्क्रियता और लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन गया है।

ग्रामीणों ने की मुआवजे और कार्रवाई की मांग

चिरका गांव के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को यथाशीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए।
साथ ही यह भी मांग की गई है कि हाथियों के हमले से निजात दिलाने हेतु क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया जाए।
घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।

न्यूज़ देखो: जंगल की समस्याओं से बेखबर तंत्र

यह घटना बताती है कि जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोग बार-बार वन्य जीवों के हमलों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और वन विभाग इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं।
लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी सरकार की है, और बार-बार की चूक जानलेवा बन रही है।
न्यूज़ देखो इस खबर के माध्यम से शासन-प्रशासन को चेतावनी देता है कि जागरूकता, निगरानी और कार्रवाई में देरी नहीं चलेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग नागरिक ही सुरक्षित समाज का आधार

हाथी जैसे खतरों से निपटने के लिए प्रशासन और जनता दोनों को जिम्मेदारी से काम करना होगा।
यदि आप भी वन क्षेत्र में रहते हैं, तो ऐसे खतरों को लेकर सतर्क रहें और विभागों से सक्रियता की मांग करें।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट में दें, और इसे शेयर करें ताकि आपकी आवाज़ दूर तक पहुंचे।

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गढ़वा

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