
#गुमला #सड़क_दुर्घटना : रांची–गुमला एनएच 43 पर तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी।
गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत नागफेनी के समीप रांची–गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर एक यात्री बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए, जिन्हें तत्काल सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया। यात्रियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और अचानक नियंत्रण खोकर गड्ढे में गिरते हुए तीन बार पलट गई। घटना ने एक बार फिर एनएच पर यात्री सुरक्षा और तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- रांची–गुमला एनएच 43 पर सिसई थाना क्षेत्र के नागफेनी के पास दुर्घटना।
- तेज रफ्तार में चल रही यात्री बस अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी।
- हादसे में करीब एक दर्जन यात्री घायल।
- सभी घायलों को सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया।
- यात्रियों ने चालक की लापरवाही और तेज गति को बताया हादसे का कारण।
गुमला जिले में एक बार फिर सड़क हादसे ने लोगों को दहला दिया। रांची से गुमला आ रही एक यात्री बस सिसई थाना क्षेत्र के नागफेनी के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे गड्ढे में गिरते हुए कई बार पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कुछ घायलों को स्थानीय वाहनों से जबकि गंभीर रूप से जख्मी यात्रियों को एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल गुमला भेजा गया।
यात्रियों के बयान: तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
घटना के संबंध में घायल यात्रियों ने बताया कि बस चालक काफी तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। यात्रियों ने कई बार चालक से धीरे चलने की अपील भी की थी, लेकिन चालक ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। अचानक बस का संतुलन बिगड़ा और वह सड़क किनारे गड्ढे में गिर गई। इसके बाद बस तीन बार पलटी, जिससे अंदर बैठे यात्री इधर-उधर गिर पड़े और कई लोग घायल हो गए।
एक यात्री ने कहा:
यात्री ने कहा: “बस बहुत तेज चल रही थी, अचानक झटका लगा और बस गड्ढे में गिरते ही पलट गई। हमें संभलने का मौका तक नहीं मिला।”
सदर अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश घायलों को हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ यात्रियों को एहतियातन निगरानी में रखा गया है।
घायलों की पहचान
इस दुर्घटना में घायल यात्रियों में शामिल हैं: नीली टोप्पो (50 वर्ष), निवासी रातू, रांची; श्वेता टोप्पो (22 वर्ष);
लक्ष्मी मिंज (21 वर्ष), निवासी घाघरा; ज्ञानी टोप्पो (23 वर्ष); रश्मि कुजूर (29 वर्ष), निवासी रातु; ऋतिक लकड़ा (6 वर्ष), निवासी डाड़टोली, गुमला; राजपति देवी (55 वर्ष), निवासी चोली; टेरेसा टोप्पो (65 वर्ष), निवासी डुमरी इरावल; सहित अन्य यात्री घायल हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
हादसे की सूचना मिलते ही सिसई थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की ताकि यातायात सामान्य किया जा सके। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे, उठते सवाल
रांची–गुमला एनएच 43 पर लगातार हो रहे सड़क हादसे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और चालकों की लापरवाही अक्सर बड़े हादसों का कारण बन रही है। बावजूद इसके, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।




न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर फिर चेतावनी
यह हादसा एक बार फिर बताता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। एनएच पर नियमित जांच, चालकों की जवाबदेही और सख्त यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासन को ऐसे संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। सवाल यह भी है कि आखिर कब तक यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित यात्रा, सामूहिक जिम्मेदारी
सड़क पर हर व्यक्ति की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। चालक हों या यात्री, नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में लिखें और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग करें। आपकी एक पहल किसी की जान बचा सकती है।





