
#गिरिडीह #केंद्रीय_बजट : अंत्योदय की भावना से प्रेरित बजट को बताया भारत के भविष्य का रोडमैप।
केंद्रीय बजट 2026–27 पर गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने इसे विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप है। सांसद के अनुसार यह बजट समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर और समावेशी भारत की मजबूत नींव करार दिया।
- सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बजट 2026–27 को ऐतिहासिक बताया।
- बजट को अंत्योदय की भावना से प्रेरित बताया गया।
- गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग पर विशेष फोकस।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल क्षेत्र में बड़े प्रावधान।
- हर जिले में सरकारी गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा को ऐतिहासिक बताया।
- कोई नया कर नहीं, रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय पर जोर।
केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। इसी क्रम में गिरिडीह सांसद श्री चंद्र प्रकाश चौधरी ने बजट पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के समग्र विकास का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को संबोधित करता है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए भारत की दिशा और दृष्टि भी तय करता है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व और बजट की सोच
सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुधार और आत्मनिर्भरता की मजबूत यात्रा तय की है। बजट 2026–27 इसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि मोदी 3.0 सरकार का यह बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में नई गति, विश्वास और स्थायित्व प्रदान करता है।
सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा: “यह बजट केवल आर्थिक प्रावधानों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है, जो अंत्योदय की भावना से प्रेरित है।”
अंत्योदय की भावना और समावेशी विकास
सांसद ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इतिहास में पहली बार रविवार को प्रस्तुत यह 9वां आम बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम वर्ग और वंचित समाज के हितों को प्राथमिकता दी गई है। यह बजट समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सशक्त प्रयास है।
शिक्षा और युवाओं के लिए नए अवसर
बजट में शिक्षा और युवाओं के लिए किए गए प्रावधानों की सांसद ने खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि
15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटिव लैब की स्थापना युवाओं की रचनात्मक क्षमता को नई दिशा देगी।
इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का प्रयास सराहनीय है।
सांसद के अनुसार इससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य, आयुष और ग्रामीण सेवाओं पर फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सांसद ने कहा कि बजट में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत करेगी।
इसके अलावा 20,000 से अधिक पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के लिए बेहद अहम है।
उन्होंने कहा कि ये कदम गांव, किसान और पशुपालक वर्ग की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
पर्यटन और खेल से रोजगार की उम्मीद
सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बजट में पर्यटन और खेल क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों के प्रशिक्षण का प्रावधान स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करेगा और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगा।
वहीं खेलो इंडिया मिशन को मजबूत करने से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
किसानों, एमएसएमई और स्वदेशी पर जोर
सांसद ने कहा कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और एमएसएमई सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की ठोस नींव रखता है।
उन्होंने खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्वदेशी उत्पादों को आर्थिक शक्ति में बदला जा सकेगा।
बेटियों के लिए ऐतिहासिक घोषणा
सांसद ने बजट की एक प्रमुख घोषणा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हर जिले में सरकारी गर्ल्स हॉस्टल की योजना ऐतिहासिक है।
उन्होंने कहा कि इससे बेटियों को सुरक्षित और सस्ती आवास सुविधा मिलेगी, उनकी शिक्षा सुदृढ़ होगी और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी।
कर नीति और आर्थिक संतुलन
बजट में आम जनता पर कोई नया कर नहीं लगाए जाने को सांसद ने संवेदनशील और संतुलित शासन का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय और राजकोषीय अनुशासन के साथ प्रस्तुत यह बजट 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार देता है।
18वीं लोकसभा का तृतीय बजट
अंत में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा कि 18वीं लोकसभा का यह तृतीय बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार और अभिनंदन व्यक्त किया।
न्यूज़ देखो: बजट से झलकती दीर्घकालिक दृष्टि
केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर सांसद की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि सरकार का फोकस केवल तात्कालिक राहत पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और समावेशी विकास पर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और युवाओं पर निवेश भविष्य के भारत की बुनियाद को मजबूत करता है। यह बजट नीति और संवेदनशीलता के संतुलन का उदाहरण बनकर उभरता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विकसित भारत का सपना, साझा जिम्मेदारी
बजट केवल सरकार का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक से जुड़ा भविष्य का खाका होता है। इसकी सफलता नागरिकों की भागीदारी और जागरूकता से तय होती है।
आइए, विकास की इस यात्रा में अपनी भूमिका को समझें और सकारात्मक योगदान दें।
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