पलामू किला जतरा मेले में पार्किंग वसूली को लेकर बवाल, इको विकास समिति और वन विभाग आमने-सामने

पलामू किला जतरा मेले में पार्किंग वसूली को लेकर बवाल, इको विकास समिति और वन विभाग आमने-सामने

author Akram Ansari
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#बरवाडीह #बेतलाजतरामेला : वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पार्किंग वसूली किए जाने से ईको विकास समिति भड़की – दोनों पक्षों में झड़प के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा
  • बेतला नेशनल पार्क क्षेत्र के पलामू किला परिसर में जतरा मेला के दौरान वन विभाग और ईको विकास समिति में पार्किंग वसूली को लेकर विवाद।
  • वन विभाग के कर्मी पार्किंग शुल्क की वसूली कर रहे थे, जबकि हर साल यह काम इको विकास समिति करती रही है।
  • अध्यक्ष साजिद अंसारी ने कहा – वन विभाग कर रहा है अवैध वसूली, समिति के अधिकार छीने गए।
  • डीएसपी भरत राम के हस्तक्षेप के बाद शाम तीन बजे वसूली बंद कराई गई
  • स्थानीय लोगों ने प्रशासन से विवाद सुलझाने और पारदर्शिता की मांग की।

बरवाडीह (लातेहार): बेतला नेशनल पार्क क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक पलामू किला परिसर में बुधवार से शुरू हुए दो दिवसीय जतरा मेला में उस समय तनाव फैल गया जब पार्किंग वसूली को लेकर वन विभाग और इको विकास समिति आमने-सामने हो गए। बताया गया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी समिति ने किला मार्ग की सफाई और पार्किंग प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने की तैयारी की थी, लेकिन वन विभाग ने अचानक समिति को दरकिनार करते हुए अपने कर्मियों से वसूली शुरू कर दी।

विवाद की जड़ – वन विभाग की मनमानी और समिति की नाराजगी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हर वर्ष इको विकास समिति के सदस्यों द्वारा किला परिसर में सफाई और पार्किंग व्यवस्था की जाती रही है। लेकिन इस बार वन विभाग के दैनिक भोगी कर्मियों ने समिति को हटाकर स्वयं पार्किंग वसूली शुरू कर दी
इस पर समिति ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।

ईको विकास समिति अध्यक्ष साजिद अंसारी ने कहा: “किला परिसर में वन विभाग के कर्मी अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूल रहे हैं। यह हमारी समिति के अधिकारों का उल्लंघन है और इसमें मनमानी की जा रही है।”

स्थानीय लोगों में आक्रोश, वन विभाग पर आरोप

गांव के कई लोगों ने बताया कि मेले की सफाई व्यवस्था और तैयारी इको विकास समिति द्वारा कराई गई थी, फिर भी वन विभाग ने बिना अनुमति पार्किंग से पैसे वसूलने शुरू कर दिए
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को अवैध और अनुचित बताया और कहा कि विभाग को समिति के सहयोग से ही काम करना चाहिए था।

एक ग्रामीण ने कहा: “जब सफाई और व्यवस्था समिति ने की, तो पार्किंग की कमाई वन विभाग क्यों ले रहा है? यह सरासर गलत है।”

डीएसपी के हस्तक्षेप से रुकी वसूली

स्थिति तब नियंत्रण में आई जब ईको विकास समिति के अध्यक्ष साजिद अंसारी ने मामले की जानकारी बरवाडीह डीएसपी भरत राम को दी।
डीएसपी ने वन विभाग के कर्मियों को फटकार लगाते हुए शाम तीन बजे के बाद अवैध वसूली पर रोक लगा दी।

डीएसपी भरत राम ने कहा: “पार्किंग वसूली को लेकर शिकायत मिली थी। जांच के बाद कर्मियों को तुरंत निर्देश दिया गया कि अवैध वसूली बंद करें।”

पर्यटकों में असमंजस, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

विवाद के चलते मेले में आए कई पर्यटक और श्रद्धालु असमंजस में पड़ गए। कुछ ने दोहरी वसूली की शिकायत की तो कुछ ने पार्किंग स्थल पर अव्यवस्था और भीड़ की बात कही।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप कर वन विभाग और समिति के बीच स्पष्ट जिम्मेदारी तय करनी चाहिए, ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।

न्यूज़ देखो: पारदर्शिता और समन्वय की जरूरत

यह घटना बताती है कि सरकारी विभागों और स्थानीय समितियों के बीच समन्वय की कमी से जनहित प्रभावित हो सकता है।
वन विभाग को चाहिए कि पारदर्शी व्यवस्था बनाकर स्थानीय समितियों को सम्मानित भागीदार बनाए।
मेले जैसे आयोजनों में जनता की सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए, न कि वसूली का विवाद।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पारदर्शी व्यवस्था से ही होगा जनहित का संरक्षण

जनभागीदारी और सहयोग के बिना कोई भी आयोजन सफल नहीं हो सकता।
ऐसे मामलों में प्रशासन को जल्द कार्रवाई कर निष्पक्ष समाधान लाना चाहिए।
स्थानीय समितियों और विभागों को मिलकर जनसेवा की भावना से कार्य करना चाहिए।
अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और पारदर्शिता की इस मांग को जनआंदोलन बनाएं।

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बरवाडीह, लातेहार

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