
#मेदिनीनगर #सड़क_सुरक्षा : जनवरी भर चल रहे सड़क सुरक्षा माह में वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने राहगिरों को सुरक्षा का संदेश दिया।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से मेदिनीनगर में सड़क सुरक्षा माह के तहत सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता लगातार बनी हुई है। इसी क्रम में वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने सुभाष चौक पर जागरूकता अभियान चलाकर हेलमेट पर रेडियम स्टीकर लगाए और सुरक्षा पुस्तिकाएं वितरित कीं। इस दौरान लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमित उपयोग की अपील की गई। यह पहल सड़क पर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- 1 से 31 जनवरी तक मनाया जा रहा सड़क सुरक्षा माह।
- सुभाष चौक, मेदिनीनगर में राहगिरों के हेलमेट पर लगाए गए रेडियम स्टीकर।
- वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने सड़क सुरक्षा पुस्तिका का वितरण किया।
- हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमित उपयोग पर दिया गया जोर।
- ट्रैफिक पुलिस और ट्रस्ट के सदस्यों की संयुक्त सहभागिता।
जनवरी माह को सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है और इसी क्रम में मेदिनीनगर की सामाजिक संस्था वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट लगातार सड़क पर लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने में जुटी हुई है। आज मंगलवार को ट्रस्ट की ओर से सुभाष चौक, मेदिनीनगर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट पर रेडियम स्टीकर लगाए गए, ताकि रात के समय वाहन दूर से ही स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। इसके साथ ही राहगिरों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित पुस्तिकाएं भेंट की गईं, जिसमें यातायात नियमों और सावधानियों की जानकारी दी गई है।
सड़क सुरक्षा के लिए छोटी कोशिश, बड़ा असर
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा ने कहा:
शर्मिला वर्मा ने कहा: “हम दुर्घटनाओं को बिल्कुल खत्म नहीं कर सकते, लेकिन हमारी छोटी-छोटी कोशिशों से लोग जागरूक होने लगे हैं।”
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का उद्देश्य केवल अभियान चलाना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना है, ताकि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य विवेक वर्मा ने कहा:
विवेक वर्मा ने कहा: “बहुत खुशी की बात है कि अब मेदिनीनगर की सड़कों पर ज्यादातर लोग हेलमेट लगाकर चलने लगे हैं। यह अभियान लोगों की सुरक्षा के लिए है।”
उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जो ऐसे अभियानों का सकारात्मक परिणाम है।
ट्रैफिक पुलिस का स्पष्ट संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित ट्रैफिक प्रभारी सत्येंद्र कुमार दूबे ने लोगों से अपील करते हुए कहा:
सत्येंद्र कुमार दूबे ने कहा: “हमारे डर से नहीं, बल्कि अपनी जीवन रक्षा के लिए सभी को हेलमेट पहनना और सीट बेल्ट लगाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यातायात नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए बनाए गए हैं।
राइडिंग गियर और रेडियम स्टीकर की अहमियत
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के युवा सदस्य लक्ष्य श्रेष्ठ ने लोगों से आग्रह किया कि वे हेलमेट के साथ-साथ राइडिंग गियर का भी उपयोग करें, ताकि दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट से बचा जा सके।
वहीं मंजू चंद्रा ने कहा:
मंजू चंद्रा ने कहा: “रेडियम स्टीकर रात में गाड़ी चलाने वालों के लिए वरदान साबित होगा।”
उन्होंने बताया कि अंधेरे में दृश्यता बढ़ने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।
सामूहिक सहभागिता से मजबूत हुआ अभियान
इस सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में रिया सिंह, सौभाग्य सृजन सहित वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के कई सदस्य और ट्रैफिक पुलिस के जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी ने मिलकर राहगिरों को रोक-रोककर यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया।



न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही आएगा बदलाव
सड़क सुरक्षा को लेकर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट और ट्रैफिक पुलिस की यह पहल दिखाती है कि सामाजिक सहभागिता से व्यवहार में बदलाव संभव है। हेलमेट, सीट बेल्ट और दृश्यता जैसे छोटे कदम कई जिंदगियों को बचा सकते हैं। ऐसे अभियानों की निरंतरता ही सड़कों को सुरक्षित बना सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, जिम्मेदार नागरिक
आपकी एक सावधानी किसी की जिंदगी बचा सकती है। हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत बनाएं, नियमों का पालन करें और इस खबर को साझा कर सड़क सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाएं।





