बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में मेदिनीनगर में विहिप का जोरदार प्रदर्शन, जिहादी आतंकवाद का पुतला दहन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में मेदिनीनगर में विहिप का जोरदार प्रदर्शन, जिहादी आतंकवाद का पुतला दहन

author News देखो Team
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#मेदिनीनगर #हिंदूउत्पीड़नविरोध : विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी ने निकाला विरोध मार्च, भारत सरकार से निर्णायक कदम की मांग।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे उत्पीड़न और सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय आह्वान पर पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में गीता भवन से प्रदर्शन मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान जिहादी आतंकवाद का पुतला दहन कर आक्रोश जताया गया।

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  • विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर अखिल भारतीय विरोध के तहत प्रदर्शन।
  • गीता भवन से देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद चौक तक निकाला गया मार्च।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ नारेबाजी।
  • जिहादी आतंकवाद का पुतला दहन कर जताया गया विरोध।
  • भारत सरकार से निर्णायक कार्रवाई की मांग।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही सांप्रदायिक हिंसा, हत्या, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के विरोध में बुधवार को मेदिनीनगर में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के विरोध में नारे लिखे हुए थे।

गीता भवन से प्रारंभ हुआ यह विरोध मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने जिहादी आतंकवाद का पुतला दहन किया। इस दौरान “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो”, “बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” जैसे नारे गूंजते रहे।

अमानवीय घटना पर जताया रोष

मौके पर उपस्थित विश्व हिंदू परिषद प्रांत सेवा टोली सदस्य सह पलामू जिला पालक दामोदर मिश्र ने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश के मेमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र में एक सामान्य हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उसके शव को पेड़ से बांधकर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया, जो मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।

उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। उन्होंने इस मुद्दे पर मानवाधिकार आयोग और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चुप्पी पर गहरी चिंता और आश्चर्य व्यक्त किया।

लगातार बढ़ रही हिंसा चिंता का विषय

विहिप जिला मंत्री अमित तिवारी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार सांप्रदायिक हिंसा, शीलभंग, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह स्थिति केवल वहां के हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे भारत और विश्व के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है।

एकजुट होने और कार्रवाई की अपील

बजरंग दल जिला संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं से एकजुट होकर जिहादी ताकतों का सामना करने की अपील की। उन्होंने भारत सरकार से भी आग्रह किया कि वह इस गंभीर विषय पर कूटनीतिक और निर्णायक कदम उठाए, ताकि वहां के हिंदू समुदाय को सुरक्षा मिल सके।

वहीं परशुराम सेना के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए भारत सरकार से सख्त कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की मांग की।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता

इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी और अन्य संगठनों के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दामोदर मिश्र, अमित तिवारी, संगठन मंत्री विजय यादव, जिला संगठन मंत्री संतोष प्रसाद यादव, कोषाध्यक्ष राजीव गोयल, पूर्व सैनिक सुनील कुमार सिंह, अविनाश राजा, देवेंद्र तिवारी, आशुतोष कुमार पांडेय, रमेश शुक्ल, मनीष ओझा, दिलीप तिवारी, चंदन तिवारी, चंद्रशेखर पांडेय, राज पांडेय, पप्पू लाठ, रवि तिवारी, पंकज जायसवाल, विनय कुमार गुप्ता, संदीप प्रसाद गुप्ता, हिमांशु पांडेय, सोनू सिंह, विवेक सिंह, विकाश कुमार कश्यप, अभिराज गुप्ता, देवराज शर्मा, घनश्याम गुप्ता, नागेंद्र चौरसिया, मुकेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए और बांग्लादेश सरकार पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

न्यूज़ देखो: अंतरात्मा को झकझोरने वाला मुद्दा

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार केवल एक देश का मामला नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का गंभीर प्रश्न है। इस पर वैश्विक स्तर पर संवेदनशीलता और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अन्याय के खिलाफ आवाज जरूरी

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