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अफवाह में फंसी मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बच्चा चोर समझ ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस की तत्परता से टली बड़ी घटना

#खलारी #अफवाहऔरसुरक्षा : मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के बीच विक्षिप्त महिला को भीड़ ने घेरा, पुलिस ने सुरक्षित निकालकर परिजनों को सौंपा।

खलारी के मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह बच्चा चोरी की अफवाह के कारण एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को ग्रामीणों ने संदिग्ध समझकर पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाना ले गई। बाद में पहचान होने पर परिजन आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे अपने साथ घर ले गए।

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  • घटना मंगलवार सुबह करीब 8 बजे बुध बाजार टांड़, विकास नगर के पास हुई।
  • ग्रामीणों ने अफवाह के कारण महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ा
  • सूचना पर मैकलुस्कीगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को बचाया।
  • महिला की पहचान सुनीता देवी, पति स्व. राजू तुरी के रूप में हुई।
  • देर रात परिजन थाना पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया के बाद महिला को घर ले गए
  • थाना प्रभारी ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील की।

खलारी। मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के बुध बाजार टांड़, विकास नगर के पास मंगलवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चोरी की फैली अफवाह के कारण लोगों में पहले से ही भय और सतर्कता का माहौल था, जिसके चलते महिला को संदिग्ध मानकर भीड़ ने घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला क्षेत्र में घूमती हुई नजर आई, जिसके बाद कुछ लोगों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। महिला किसी भी सवाल का स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, जिससे लोगों का संदेह और गहरा गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

अफवाह ने बढ़ाया संदेह, भीड़ ने घेर लिया महिला को

लपरा क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह पहले से ही फैल रही थी। इसी अफवाह के कारण लोगों ने महिला की गतिविधियों को संदेह की नजर से देखा। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपनी पहचान और उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

भीड़ बढ़ने के साथ ही माहौल संवेदनशील होने लगा था और किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई थी। हालांकि समय रहते सूझबूझ दिखाने से एक बड़ी घटना टल गई।

स्कूल संचालक की सूझबूझ से पहुंची पुलिस

स्थिति बिगड़ने से पहले लिटिल स्टार एकेडमी, मैकलुस्कीगंज के संचालक जितेंद्र गिरि ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत मैकलुस्कीगंज थाना को फोन कर पूरी घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना के एएसआई डेगन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस टीम ने भीड़ को समझाते हुए महिला को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और किसी भी प्रकार की अनहोनी को होने से पहले ही नियंत्रित कर लिया। पुलिस की तत्परता और संयमित कार्रवाई से स्थिति जल्द सामान्य हो गई।

पूछताछ में नहीं दे सकी स्पष्ट जानकारी, मानसिक रूप से अस्वस्थ पाई गई महिला

थाना लाकर जब महिला से पूछताछ की गई तो वह अपनी पहचान, पता और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता सकी। पुलिस ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया और संवेदनशील तरीके से आगे की कार्रवाई की।

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इसी बीच महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद उसके मायके पक्ष के परिजनों को घटना की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत थाना से संपर्क किया।

पहचान हुई सुनीता देवी के रूप में, परिजन पहुंचे थाना

पुलिस जांच में महिला की पहचान सुनीता देवी, पति स्व. राजू तुरी के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार उसका ससुराल चोरधारा तुरी टोला, चिकोर भदानी नगर, पतरातू, जिला रामगढ़ में है, जबकि मायका बेसरा गांव, पंचायत शिवला, प्रखंड बालूमाथ, जिला लातेहार में बताया गया।

सूचना मिलने पर महिला के भाई अशोक तुरी और मामा जलेश्वर तुरी मैकलुस्कीगंज थाना पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार देर रात महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

थाना प्रभारी ने की अहम अपील, अफवाहों से रहें दूर

इस पूरे मामले को लेकर मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने आम जनता से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चा चोर जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार न करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना अपराध है। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित और कानूनी कार्रवाई की जा सके।

सोशल मीडिया अफवाह बन रही खतरे की वजह

हाल के दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहें कई बार निर्दोष लोगों के लिए खतरा बन जाती हैं। बिना सत्यापन के फैली जानकारी लोगों में भय और आक्रोश पैदा करती है, जिसका परिणाम भीड़ की गलत प्रतिक्रिया के रूप में सामने आता है।

इस घटना में भी यही देखने को मिला कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को अफवाह के आधार पर बच्चा चोर समझ लिया गया, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी।

न्यूज़ देखो: अफवाह से सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

यह घटना बताती है कि अफवाहें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर पुलिस की हस्तक्षेप और समाज के जिम्मेदार लोगों की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। जरूरत है कि समाज संवेदनशील बने और किसी भी सूचना की पुष्टि के बिना प्रतिक्रिया न दे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की पहचान

अफवाहों से बचना हम सभी की जिम्मेदारी है।
किसी भी व्यक्ति पर बिना सत्यापन आरोप न लगाएं।
मानवता और संवेदनशीलता सबसे बड़ा धर्म है।
संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

आइए, जिम्मेदार नागरिक बनें।
अफवाह नहीं, सत्य का साथ दें।
इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।

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Jitendra Giri

खलारी, रांची

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