बानो में मिक्सर प्लांट के धुएं से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन, गेट जाम कर बंद करने की मांग

बानो में मिक्सर प्लांट के धुएं से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन, गेट जाम कर बंद करने की मांग

author Shivnandan Baraik
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#बानो #प्रदूषण_विवाद : प्लांट के धुएं से परेशान लोग—लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा विरोध।

सिमडेगा के बानो प्रखंड में मिक्सर प्लांट से निकल रहे धुएं के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने प्लांट के गेट को जाम कर बंद करने की मांग की। कंपनी ने 30 अप्रैल तक प्लांट हटाने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों ने लिखित आश्वासन की मांग की। मामले में स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई।

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  • VKS कंपनी के मिक्सर प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध।
  • धुएं के कारण प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्या का आरोप
  • ग्रामीणों ने प्लांट गेट जाम कर आंदोलन शुरू किया
  • कंपनी ने 30 अप्रैल तक प्लांट हटाने का आश्वासन दिया
  • विधायक सुदीप गुड़िया को भी दी गई जानकारी।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित बस्ती में लगे मिक्सर प्लांट से उठ रहे धुएं के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को गुस्साए ग्रामीणों ने प्लांट के मुख्य गेट को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

यह मिक्सर प्लांट एमएच 320जी सड़क निर्माण कार्य के लिए VKS कंपनी द्वारा लगाया गया है, लेकिन इसके कारण स्थानीय लोगों को प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

धुएं से परेशान ग्रामीणों का विरोध

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला धुआं आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

सुरेंद्र तिवारी ने कहा: “हम लोग लगातार धुएं से परेशान हैं, बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत खराब हो रही है।”

गेट जाम कर आंदोलन

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट के गेट को जाम कर दिया और मांग की कि जब तक कंपनी लिखित रूप से प्लांट बंद करने का आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस दौरान सुरेंद्र तिवारी, अजीत टोपनो, कामेश्वर सिंह, मो तनवीर हुसैन, मो मनीर खान, करुण राय, आनंद मसीह टोपनो, अरबिंद साहू सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।

कंपनी का पक्ष

विरोध की सूचना मिलने पर VKS कंपनी के प्रबंधक और प्रोजेक्ट मैनेजर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा: “30 अप्रैल तक प्लांट को यहां से हटाकर उकौली में शिफ्ट कर दिया जाएगा, प्रक्रिया जारी है।”

हालांकि, ग्रामीणों ने इस मौखिक आश्वासन को मानने से इनकार कर दिया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कंपनी लिखित रूप से प्लांट बंद करने का आश्वासन नहीं देती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

मो तनवीर हुसैन ने कहा: “हमें केवल प्लांट बंद चाहिए, कोई और समझौता नहीं होगा।”

विधायक से हस्तक्षेप की मांग

मो तनवीर हुसैन ने इस मामले की जानकारी स्थानीय विधायक सुदीप गुड़िया को दी। विधायक ने भी प्लांट को पूरी तरह बंद करने की बात कही है।

घनी आबादी के बीच प्लांट

यह प्लांट घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां आसपास स्कूल, दुकान और सरकारी कार्यालय भी मौजूद हैं। ऐसे में प्रदूषण का असर अधिक गंभीर हो गया है।

समाधान पर नहीं बनी सहमति

कंपनी द्वारा 15 दिन का समय मांगे जाने के बावजूद ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बन सकी।

बढ़ता तनाव

स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

न्यूज़ देखो: विकास और पर्यावरण का संतुलन जरूरी

बानो का यह मामला दिखाता है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य का संतुलन भी जरूरी है। यदि लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो विरोध स्वाभाविक है। अब प्रशासन को मध्यस्थता कर समाधान निकालना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आवाज उठाएं, अधिकार बचाएं

स्वस्थ वातावरण हर नागरिक का अधिकार है।
यदि कहीं प्रदूषण हो रहा है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
संगठित होकर ही समस्या का समाधान संभव है।
आइए, हम अपने अधिकारों के लिए जागरूक बनें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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