
#विश्रामपुर #पलामू #गणतंत्र_दिवस : माउंट टेरा स्कूल भंडार में नन्हे बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रमों से दर्शकों को भावुक किया।
विश्रामपुर प्रखंड के भंडार गांव स्थित माउंट टेरा स्कूल में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से हजारों दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। सेना की वेशभूषा में सजे बच्चों ने “नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं” गीत पर प्रस्तुति देकर माहौल को भावुक और गर्वपूर्ण बना दिया। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारों की मजबूत तस्वीर पेश करता है।
- माउंट टेरा स्कूल भंडार में गणतंत्र दिवस पर भव्य आयोजन।
- नन्हे बच्चों ने सेना की वेशभूषा में देशभक्ति गीत पर प्रस्तुति दी।
- “नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं” गीत रहा मुख्य आकर्षण।
- समाजसेवी बिनोद पांडेय के प्रयासों से गांव में आधुनिक शिक्षा की सुविधा।
- जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही।
- ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों की मिसाल बना स्कूल।
गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत भंडार गांव स्थित माउंट टेरा स्कूल का परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की मासूमियत, अनुशासन और आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था।
नन्हे सिपाहियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब सेना की वेशभूषा में सजे छोटे-छोटे बच्चे मंच पर उतरे। “नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं” गीत पर बच्चों की प्रस्तुति ने पूरे पंडाल को तालियों से गूंजा दिया। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का आत्मविश्वास और तालमेल यह दर्शाता है कि विद्यालय में उन्हें कितनी मेहनत और लगन से तैयार किया गया है।
दर्शकों में मौजूद अभिभावक, ग्रामीण और अतिथि बच्चों की प्रस्तुति देखकर भावुक हो उठे। कई लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मन में बचपन से ही देशभक्ति और अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं।
गांव में शहर जैसी शिक्षा का सपना
विद्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि भंडार गांव के प्रसिद्ध व्यक्ति और समाजसेवी बिनोद पांडेय का सपना था कि जैसे शहरों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण विद्यालय हैं, वैसी ही सुविधा गांव के बच्चों को भी मिलनी चाहिए। इसी सोच के साथ माउंट टेरा स्कूल की नींव रखी गई।
आज यह विद्यालय उसी सपने का साकार रूप बनकर सामने है। यहां बच्चों को न केवल बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलता है, बल्कि खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
जरूरतमंद बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि समाजसेवी बिनोद पांडेय द्वारा विद्यालय में कुछ जरूरतमंद बच्चों को गोद लिया गया है, जिन्हें पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना भी उतना ही जरूरी है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत आई नजर
गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुत हर कार्यक्रम में बच्चों का अनुशासन और तालमेल इस बात का प्रमाण था कि विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाएं बच्चों की तैयारी में कितनी मेहनत करते हैं। बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों से पहले कई दिनों तक नियमित रिहर्सल कराई जाती है।
छोटे बच्चों को मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने के लिए तैयार करना आसान नहीं होता, लेकिन माउंट टेरा स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पढ़ाई और खेलकूद में भी पहचान
आज माउंट टेरा स्कूल भंडार की चर्चा केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। विद्यालय ने पढ़ाई और खेलकूद के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विद्यालय का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे आगे चलकर समाज और देश के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।
ग्रामीणों और अभिभावकों में खुशी
गणतंत्र दिवस के इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि गांव में इस स्तर का आयोजन यह साबित करता है कि अब ग्रामीण क्षेत्र भी शिक्षा के मामले में पीछे नहीं हैं।
अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मंच पर खुलकर अपनी प्रतिभा दिखा पाते हैं।
न्यूज़ देखो: गांव से उठती शिक्षा और संस्कार की मजबूत आवाज
माउंट टेरा स्कूल भंडार का यह आयोजन दर्शाता है कि यदि सोच सकारात्मक हो और प्रयास ईमानदार हों, तो गांव में भी शहर जैसी शिक्षा संभव है। समाजसेवी बिनोद पांडेय की पहल और शिक्षकों की मेहनत ने इस विद्यालय को एक मिसाल बना दिया है। ऐसे प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नन्हे कदम, बड़े सपने देश के भविष्य की पहचान
गणतंत्र दिवस पर माउंट टेरा स्कूल के बच्चों ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति की शुरुआत बचपन से होती है।
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