#गिरिडीह #पेयजल_संकट : वार्ड 23 में सप्लाई बंद होने से लोगों में नाराजगी।
गिरिडीह नगर निगम के वार्ड 23 में चुनाव परिणाम आने के बाद से पेयजल सप्लाई बंद होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से पानी की आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे होली और रमजान से पहले संकट गहरा गया है। माले नेता राजेश सिन्हा ने नगर आयुक्त प्रशांत लायक से बातचीत कर तत्काल समाधान की मांग की। नगर आयुक्त ने समस्या को शीघ्र दूर करने का आश्वासन दिया है।
- वार्ड 23, गिरिडीह में चुनाव परिणाम के बाद पानी सप्लाई बंद।
- राजेश सिन्हा ने नगर आयुक्त प्रशांत लायक से की बातचीत।
- होली और रमजान से पहले पेयजल संकट पर लोगों में आक्रोश।
- समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
- बैठक में समीर राज चौधरी, आलोक मिश्रा सहित कई लोग मौजूद।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 23 में पेयजल आपूर्ति ठप होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही नगर निगम की ओर से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इस स्थिति से वार्ड के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर तब जब होली और रमजान जैसे प्रमुख पर्व नजदीक हैं। मामले को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सक्रियता दिखाई है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
राजेश सिन्हा ने नगर आयुक्त से की बातचीत
माले नेता राजेश सिन्हा को इस समस्या की जानकारी उस समय मिली जब वे एक प्राइवेट शिक्षक संस्थान की बैठक और होली सम्मेलन की बैठक में शामिल थे। वहां वार्ड 23 के लोगों ने उन्हें पेयजल संकट की जानकारी दी।
इसके बाद उन्होंने नगर आयुक्त प्रशांत लायक से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया और कहा कि पेयजल की समस्या को तत्काल दूर किया जाए।
राजेश सिन्हा ने कहा: “होली और रमजान जैसे पर्व को नगर निगम बर्बाद न करे। वार्ड 23 में पानी की सप्लाई तुरंत चालू की जाए, अन्यथा हमें बड़े आंदोलन की ओर जाना पड़ेगा।”
नगर आयुक्त प्रशांत लायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि समस्या को आज ही ठीक करवाने का प्रयास किया जाएगा।
चुनाव परिणाम के बाद बढ़ी समस्या
नव निर्वाचित वार्ड सदस्य मुन्ना रजवार ने आरोप लगाया कि पेयजल की समस्या चुनाव परिणाम के बाद उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले ही प्लांट और संबंधित अधिकारियों से मिल चुके हैं।
मुन्ना रजवार ने कहा: “वार्ड की समस्या दूर करने के लिए प्रयास हम कर रहे हैं। प्लांट गए, अफसर से मिले। समस्या चुनाव के रिजल्ट के बाद हुई है। जनता को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। आज माले नेता राजेश, कांग्रेस नेता समीर राज और पूर्व प्रत्याशी आलोक राज के आने से खुशी महसूस हुई।”
उन्होंने कहा कि वार्ड की जनता को किसी भी हाल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
कांग्रेस और अन्य नेताओं का समर्थन
प्राइवेट कोचिंग संस्था की बैठक में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी समीर राज चौधरी भी मौजूद थे। वे भी वार्ड 23 पहुंचे और नव निर्वाचित सदस्य मुन्ना रजवार से मुलाकात की। उनके साथ वार्ड 23 के पूर्व प्रत्याशी आलोक मिश्रा भी मौजूद रहे।
समीर राज चौधरी ने कहा: “हमलोग आपके साथ हैं। पूर्व में भी पेयजल की समस्या पर हमलोग आवाज उठाते रहे हैं। जब भी कोई समस्या हो, अवश्य याद करिएगा। गिरिडीह की समस्या के समाधान के लिए बेहतर टीम बनाने की जरूरत है।”
वहीं आलोक मिश्रा ने भी मुन्ना रजवार को बधाई देते हुए कहा कि भले ही चुनाव में वे अलग-अलग पक्ष में थे, लेकिन वार्ड की समस्याओं को लेकर वे एकजुट रहेंगे।
आलोक मिश्रा ने कहा: “भले हम चुनाव में अलग-अलग थे, किंतु वार्ड की समस्या पर हम जनता के मुद्दे को मिलकर उठाते रहेंगे। आशा करते हैं कि जनता भी अपनी समस्या से अवगत कराती रहे।”
कार्यालय में जुटे सहयोगी
मुन्ना रजवार के कार्यालय में इस दौरान कई सहयोगी और समर्थक मौजूद रहे। इनमें सोनू कुमार यादव, शनि यादव, राजीव पटवा, मुकेश दास, रंजन कुमार, सुशील कुमार, राहुल रजवार, राहुल, जैकी रजवार, मो इम्तियाज, राहुल पंडित सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे। सभी ने वार्ड की पेयजल समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।
पर्व से पहले बढ़ी चिंता
होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्वों से ठीक पहले पानी की आपूर्ति ठप होना वार्डवासियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। दैनिक जरूरतों के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करना चाहिए।
अब यह देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन अपने आश्वासन पर कितनी जल्दी अमल करता है।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधा पर राजनीति नहीं, समाधान जरूरी
वार्ड 23 का पेयजल संकट यह सवाल खड़ा करता है कि क्या बुनियादी सुविधाएं भी राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित होनी चाहिए। यदि चुनाव परिणाम के बाद पानी सप्लाई बाधित हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि त्योहारों से पहले नागरिकों को राहत मिले और किसी भी तरह की लापरवाही पर जवाबदेही तय हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी हर घर का अधिकार, मिलकर उठाएं आवाज
पेयजल केवल सुविधा नहीं, बल्कि मूलभूत अधिकार है। त्योहारों के समय इसकी आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। ऐसे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई समस्या है, तो आवाज उठाएं और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें कि वार्ड 23 की इस स्थिति पर आपका क्या विचार है।
खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि प्रशासन तक जनता की आवाज मजबूती से पहुंचे और समय रहते समाधान सुनिश्चित हो सके।