
#खूंटी #स्थानीय_रोजगार : कर्रा स्थित शाखा कार्यालय में पारदर्शी साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न पदों पर हुआ चयन
- कर्रा प्रखंड स्थित WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन शाखा कार्यालय में साक्षात्कार का आयोजन।
- कुल 30 अभ्यर्थियों ने विभिन्न पदों के लिए लिया भाग।
- ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद के लिए 2 अभ्यर्थियों का चयन।
- सिलाई शिक्षिका पद के लिए 1 अभ्यर्थी चयनित।
- पंचायत महिला मित्र के लिए 25 महिलाओं का चयन।
- सेल्समैन पद हेतु 4 अभ्यर्थियों को मिली जिम्मेदारी।
खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की ओर से शाखा कार्यालय में एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी साक्षात्कार प्रक्रिया का आयोजन किया गया। इस साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को उनके ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना रहा, ताकि आजीविका की तलाश में उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े। कार्यक्रम में कुल 30 अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न पदों के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत हुआ चयन
साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। चयन प्रक्रिया के अंतर्गत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद के लिए 2 अभ्यर्थी, सिलाई शिक्षिका पद के लिए 1 अभ्यर्थी, पंचायत महिला मित्र पद के लिए 25 अभ्यर्थी तथा सेल्समैन पद के लिए 4 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयन के दौरान अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव, सामाजिक समझ, स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता को विशेष रूप से परखा गया।
संस्था का उद्देश्य केवल पद भरना नहीं, बल्कि ऐसे कर्मियों का चयन करना है जो अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर सकें तथा समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
इस साक्षात्कार का मूल उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना रहा। चयनित अभ्यर्थियों को उनके ही क्षेत्र में कार्य का अवसर मिलने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज के साथ रहकर विकास में भागीदार भी बन सकेंगे।
संस्था का मानना है कि जब स्थानीय लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलता है, तो क्षेत्र में सामाजिक स्थिरता आती है और पलायन जैसी गंभीर समस्या पर भी नियंत्रण संभव हो पाता है। विशेष रूप से पंचायत महिला मित्र पद के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इंटरव्यू बोर्ड ने किया विस्तृत मूल्यांकन
साक्षात्कार का संचालन एक विशेष इंटरव्यू बोर्ड के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रियंका कुमारी, जयशिंता गुड़िया और ऐलिन गुड़िया शामिल रहीं। इंटरव्यू बोर्ड द्वारा सभी अभ्यर्थियों से विस्तारपूर्वक संवाद किया गया और उनकी कार्यक्षमता, सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ, संवाद कौशल और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का मूल्यांकन किया गया।
इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों को WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन के उद्देश्यों, कार्यशैली और उनसे अपेक्षित भूमिकाओं की भी स्पष्ट जानकारी दी गई, ताकि चयन के बाद वे अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकें।
केवल रोजगार नहीं, बल्कि सामुदायिक विकास की सोच
यह साक्षात्कार प्रक्रिया केवल रोजगार चयन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में एक मजबूत पहल साबित हुई। संस्था का विश्वास है कि आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सहभागिता भी जरूरी है।
चयनित अभ्यर्थियों के माध्यम से संस्था गांव-गांव तक अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को गति मिल सके।
संस्था की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता
WCSF CharitySpirit Foundation लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्यरत है। कर्रा प्रखंड में आयोजित यह साक्षात्कार कार्यक्रम संस्था की उसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा कर समाज को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के चयन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं को लाभ मिल सके।

न्यूज़ देखो: स्थानीय रोजगार से रुकेगा पलायन
कर्रा प्रखंड में WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की यह पहल बताती है कि यदि सही दिशा और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित किए जा सकते हैं। स्थानीय रोजगार न केवल आर्थिक मजबूती लाता है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और आत्मसम्मान को भी बढ़ाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आत्मनिर्भर गांव, मजबूत समाज
स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मौका देना ही सच्चा विकास है।
रोजगार के लिए बाहर नहीं, अवसर अपने गांव में।
आपके क्षेत्र में भी ऐसी पहल हो रही है क्या?
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