
#बरवाडीह #आदिवासीविकासमेला : पलामू प्रमंडल के ऐतिहासिक राजकीय मेले में राज्य सरकार के शीर्ष मंत्री होंगे शामिल।
पलामू प्रमंडल में 11 और 12 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। झारखंड सरकार के माननीय कल्याण मंत्री चमरा लिंडा इस मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और 11 फरवरी को विधिवत उद्घाटन करेंगे। मेला आदिवासी संस्कृति, इतिहास और विकास से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर लाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। यह मेला क्षेत्रीय पहचान और आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक बन चुका है।
- 11–12 फरवरी 2026 को आयोजित होगा राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला।
- कल्याण मंत्री चमरा लिंडा करेंगे मेले का विधिवत उद्घाटन।
- दुबियाखाड़, बरवाडीह (लातेहार) में होगा आयोजन।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को भी किया गया आमंत्रित।
- महाराज मेदिनी राय की स्मृति से जुड़ा है 40 वर्षों पुराना मेला।
पलामू प्रमंडल में आदिवासी संस्कृति और विकास को समर्पित राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला का आयोजन आगामी 11 एवं 12 फरवरी 2026 को किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में झारखंड सरकार के माननीय कल्याण मंत्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मेला का उद्घाटन 11 फरवरी 2026 को दुबियाखाड़, बरवाडीह (लातेहार) में किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मेदिनीनगर–भंडरिया पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं चेरो आदिवासी भैयारी पंचायत झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह चेरो ने बताया कि मेला समिति द्वारा राज्य के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को भी न्योता
अजय सिंह चेरो ने बताया कि मेला समिति ने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर से भी भेंट कर उन्हें बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा कि कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कार्यक्रम में शामिल होने की पूर्ण सहमति दे दी है, जबकि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर की उपस्थिति को लेकर आंशिक सहमति मिली है।
अजय सिंह चेरो ने कहा: “यह मेला केवल आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी इतिहास, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक है।”
40 वर्षों से जारी है ऐतिहासिक परंपरा
उन्होंने बताया कि यह मेला पलामू प्रमंडल के महान प्रतापी शासक महाराज मेदिनी राय की स्मृति में पिछले 40 वर्षों से आयोजित होता आ रहा है।
झारखंड सरकार ने 16 मार्च 2023 को इस मेले को राजकीय मेला का दर्जा दिया था, जो आदिवासी समाज और क्षेत्रीय इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
इसके साथ ही डालटेनगंज का नाम बदलकर मेदिनीनगर किया जाना भी महाराज मेदिनी राय के सम्मान का प्रतीक बताया गया।
जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप
अजय सिंह चेरो ने पलामू जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा महाराज मेदिनी राय की प्रतिमा को दो बार उखाड़कर फेंकने जैसा अपमानजनक कृत्य किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार महापुरुषों को सम्मान दे रही है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन उनके सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेला के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जनाक्रोश की चेतावनी
अजय सिंह चेरो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदिवासी महापुरुषों को सम्मानपूर्वक मेदिनी नगर में उचित स्थान नहीं दिया गया, तो मेला के बाद पलामू प्रमंडल में बड़ा जनाक्रोश देखने को मिल सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज अपने इतिहास और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर मेला समिति अध्यक्ष अर्जुन सिंह चेरो, स्थानीय मुखिया पति आनंद कुमार रवि, सदर उप प्रमुख चेरो शीतल सिंह निराला, उमेश सिंह चेरो, ठकुराई सिंह चेरो सहित मेला समिति के कई सदस्य मौजूद थे।

न्यूज़ देखो: आदिवासी सम्मान और प्रशासन की जवाबदेही
राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान और सम्मान का प्रश्न भी है। जिला प्रशासन पर लगे आरोपों ने इस मेले को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से और महत्वपूर्ण बना दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इन सवालों पर क्या कदम उठाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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