Garhwa

मेला नहीं मिली, तो मौत चुन ली: मां ने बेटी संग लगाई छलांग

#Garhwa #Crime : हूर मध्या की हृदयविदारक घटना — मायके जाने की जिद में मां ने उठाया आत्मघाती कदम, मासूम बेटी को भी ले डूबी मौत की ओर
  • गढ़वा जिले के हूर मध्या गांव में मां-बेटी के साथ दर्दनाक घटना।
  • मायके के पास बराव गांव मेले में जाने की जिद बनी विवाद की वजह।
  • रानी देवी ने कीटनाशक पीने के बाद बेटी को भी ज़हर पिलाया
  • इसके बाद मां-बेटी ने दानरो नदी में लगाई छलांग
  • छह वर्षीय मासूम प्रीति ने नदी से निकलकर पिता को दी सूचना।
  • महिला की हालत गंभीर, गढ़वा सदर अस्पताल में इलाज जारी

गढ़वा जिला अंतर्गत गढ़वा थाना क्षेत्र के हूर मध्या गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मायके के पास मेले में जाने की जिद में एक महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने न केवल खुद ज़हर खा लिया बल्कि अपनी मात्र छह वर्षीय मासूम बेटी को भी ज़हर पिलाकर नदी में कूद गई। गनीमत रही कि मासूम बेटी किसी तरह बच निकली और पूरी घटना की जानकारी देकर मां की जान बचाने में मददगार बनी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हूर मध्या गांव निवासी राजकुमार चौधरी की 28 वर्षीय पत्नी रानी देवी सोमवार को अपने मायके के पास बराव गांव स्थित पहाड़ी बाबा के मेले में जाने की जिद कर रही थी। लेकिन उस समय उसका पति धान रोपने के कार्य में व्यस्त था और मेला में रक्षाबंधन के दिन साथ चलने की बात कही। इस बात को लेकर रानी देवी काफी नाराज हो गई। नाराजगी इस हद तक बढ़ गई कि रात करीब 10 बजे रानी देवी ने पहले खुद कीटनाशक पी ली और फिर अपनी छह वर्षीय पुत्री प्रीति कुमारी को भी ज़हर खिला दिया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर गांव के समीप बहने वाली दानरो नदी में कूद गई।

इस पूरे घटनाक्रम में मासूम प्रीति किसी तरह नदी से बाहर निकलने में कामयाब रही और भागकर अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी से खबर मिलते ही राजकुमार चौधरी व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और रात में ही रानी देवी की खोजबीन शुरू कर दी। लगभग एक किलोमीटर दूर नदी के किनारे रानी देवी अचेत अवस्था में मिली। परिजनों ने तत्काल उसे नदी से निकालकर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों द्वारा उसका इलाज जारी है।

पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और मामले की छानबीन की जा रही है। घटना से पूरे गांव में स्तब्धता और शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों में ऐसा गंभीर कदम उठाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि मानसिक अस्थिरता का संकेत भी है।

न्यूज़ देखो: सामाजिक संवाद की जरूरत

यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज में संवाद और मानसिक स्वास्थ्य के अभाव की खतरनाक तस्वीर है। हमें यह समझना होगा कि संवाद की कमी और गुस्से पर नियंत्रण न होना रिश्तों को टूटने और जिंदगी को खत्म करने की ओर धकेलता है
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Sonu Kumar

गढ़वा

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