
#सिमडेगा #वन्यजीव_उत्पात : गांव में घुसे जंगली हाथी ने आवास व अनाज किया क्षतिग्रस्त।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत कोनसोदे पंचायत के बंसीटोली गांव में सोमवार सुबह जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हाथियों के झुंड से बिछड़ा एक हाथी गांव में घुस आया और एक निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान घर में रखा धान भी हाथी ने नष्ट कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
- बंसीटोली गांव में सोमवार सुबह हाथी का अचानक प्रवेश।
- सुरसेन सुरिन के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास को नुकसान।
- घर में रखा धान हाथी ने खाया और भवन का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त।
- घटना के बाद हाथी बीरता कुरुचडेगा जंगल की ओर गया।
- ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और मुआवजे की मांग की।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही एक बार फिर ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई है। सोमवार अहले सुबह करीब 7 बजे कोनसोदे पंचायत के बंसीटोली गांव (बीरता) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक गांव में घुस आया।
हाथियों के झुंड से बिछड़ा था हाथी
ग्रामीणों के अनुसार, यह जंगली हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था और भटकते हुए गांव की ओर आ गया। गांव में प्रवेश करते ही हाथी ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान सुरसेन सुरिन के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घर को निशाना बनाया।
प्रधानमंत्री आवास को पहुंचा नुकसान
हाथी ने घर के पिछले हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। दीवारों को नुकसान पहुंचने से निर्माणाधीन आवास आंशिक रूप से कमजोर हो गया है। इसके साथ ही घर में संग्रहित धान को हाथी ने खा लिया, जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
पीड़ित सुरसेन सुरिन ने बताया कि उनका घर अभी निर्माणाधीन है और उसमें रखा अनाज परिवार के लिए महत्वपूर्ण था। हाथी के हमले से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
घटना के बाद जंगल की ओर चला गया हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ देर तक गांव में उत्पात मचाने के बाद जंगली हाथी बीरता कुरुचडेगा की ओर जंगल में चला गया। हालांकि हाथी के लौट जाने के बाद भी गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी फिर से गांव का रुख कर सकता है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से मदद की मांग
घटना के बाद बंसीटोली गांव के ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगली हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भगाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग की टीम सक्रिय नहीं हुई, तो जान-माल का और भी नुकसान हो सकता है।
मुआवजे की मांग
पीड़ित सुरसेन सुरिन ने वन विभाग एवं प्रखंड प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घर को नुकसान पहुंचने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं और प्रशासन को शीघ्र सहायता करनी चाहिए।

न्यूज़ देखो: मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती
बानो प्रखंड में जंगली हाथी का यह उत्पात एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करता है। वन विभाग और प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित गांव, सुरक्षित जीवन की जरूरत
वन्यजीवों के संरक्षण के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा करें और जागरूकता फैलाएं।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जिम्मेदार कदमों की मांग करें।





