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लातेहार में जंगली हाथी का कहर बढ़ा, ग्रामीण की मौत और कई घर तबाह

#लातेहार #हाथीहमला : महुआ की गंध से गांव में दाखिल हुआ हाथी, एक की जान गई
  • लातेहार में जंगली हाथी ने मचाया उत्पात।
  • हेरहंज थाना क्षेत्र के तासू गांव में ग्रामीण की मौत।
  • महुआ और अनाज खाकर घर को किया ध्वस्त।
  • बालूमाथ प्रखंड के होलेंग गांव में भी तोड़ी दीवार, बर्बाद की फसल।
  • रेंजर नंदकुमार महतो ने परिजनों को 40 हजार रुपये दिए।

गुरुवार रात से ही लातेहार जिले में एक जंगली हाथी ने तबाही मचा रखी है। झुंड से भटका यह हाथी पहले हेरहंज थाना क्षेत्र के तासू गांव पहुंचा और वहां एक घर को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान उसने महुआ और अनाज खा लिया। इसी क्रम में उसने विनय भुइयां नामक युवक को अपनी चपेट में लेकर पटक कर मार डाला। घटना से गांव में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

वन विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर हाथी को गांव से भगाने की कोशिश की। हालांकि तब तक नुकसान काफी हो चुका था। रातभर ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

बालूमाथ प्रखंड में भी कहर

हेरहंज से भागने के बाद हाथी ने बालूमाथ प्रखंड की मसियातु पंचायत के होलेंग गांव में दस्तक दी। यहां भी हाथी ने एक घर की दीवार तोड़ दी और घर में रखा चावल बर्बाद कर दिया। इसके अलावा खेतों में लगी फसल को भी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग और स्थानीय लोगों की कोशिश के बाद आखिरकार हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया।

मृतक परिवार को मिला मुआवजा

घटना के बाद रेंजर नंदकुमार महतो मृतक विनय भुइयां के परिजनों से मिले। उन्होंने सरकारी प्रावधान के तहत अग्रिम 40 हजार रुपये मुआवजे के रूप में दिए और आश्वासन दिया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

रेंजर नंदकुमार महतो ने कहा: “हमने मृतक परिवार को तत्काल 40 हजार रुपये दिए हैं। बाकी राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही दी जाएगी।”

ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण अपील

रेंजर ने ग्रामीणों से साफ कहा कि महुआ और शराब को घरों में न रखें। इसकी गंध से हाथी आकर्षित होते हैं और घरों में घुस सकते हैं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि अगर हाथी रात में गांव में आए तो मशाल जलाकर और तेज शोर करके उसे भगाने की कोशिश करें। दिन के समय भी यही तरीका अपनाने की बात कही।

बढ़ती दहशत और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

हाथी की मौजूदगी से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार हाथी दिन के उजाले में गांव में दाखिल हो रहा है और जान-माल का नुकसान कर रहा है।

शकुंतला देवी ने कहा: “हाथियों के आने से पूरे गांव के लोग डर में जी रहे हैं।”
पिंटू कुमार ने कहा: “हाथी ने मेरे घर को तोड़ दिया। अब आगे क्या करें, समझ में नहीं आ रहा।”

न्यूज़ देखो: जंगली जानवरों के खतरे पर कड़ी निगरानी जरूरी

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जंगली जानवरों का गांवों में प्रवेश गंभीर खतरा है। वन विभाग को ऐसे हालात से निपटने के लिए तकनीकी मदद और संसाधनों की जरूरत है। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क रहना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी

गांव में बढ़ते जंगली जानवरों के खतरे को देखते हुए जरूरी है कि लोग वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें। हम सबकी जिम्मेदारी है कि जागरूकता फैलाएं, सतर्क रहें और दूसरों को भी सतर्क करें।
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