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गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के बिंदोरी और कातिंग पंचायत क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात एक विशालकाय हाथी ने कई गांवों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने कई ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा साल भर का अनाज भी खा गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
🔹 मुख्य बिंदु:
- चैनपुर के कई गांवों में जंगली हाथी का उत्पात
- कई ग्रामीणों के घरों को किया क्षतिग्रस्त
- घरों में रखा साल भर का अनाज भी खा गया हाथी
- ग्रामीणों में दहशत, पूरी रात जागकर बिताई
कई गांवों में मचाया उत्पात
चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के बिंदोरी और कातिंग पंचायत क्षेत्र में बीती रात जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों के अनुसार हाथी देर शाम सबसे पहले बिंदोरी गांव में घुसा और वहां कई घरों को नुकसान पहुँचाया। इसके बाद वह कुलाही और अमबाटोली होते हुए ब्रह्मपुर गांव की ओर बढ़ गया। रास्ते में जो भी घर या फसल सामने आई, हाथी ने उसे तहस-नहस कर दिया।
कई परिवारों को हुआ भारी नुकसान
हाथी के हमले में कई ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो गए। पुनिया कोरवा (पति भगवान दास कोरवा) का घर हाथी ने पूरी तरह तोड़ दिया, जिससे उनका आशियाना मलबे में तब्दील हो गया। वहीं असुंता कुजूर (पति विजय कुजूर) के घर में घुसकर हाथी ने रखा हुआ अनाज पूरी तरह खा लिया।
बंधुनु राम (निवासी बेंदोरा) के घर को भी हाथी ने चारों ओर से क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा कुलाही गांव की कविता देवी (पति रिठूनंद तुरी) के घर को भी हाथी ने काफी नुकसान पहुँचाया है।
ग्रामीणों में दहशत, पूरी रात किया रतजगा
हाथी के उत्पात से गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी के डर से लोग पूरी रात जागते रहे और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सुरक्षा की दृष्टि से हाथियों के करीब न जाएं और उनसे दूरी बनाए रखें।
वहीं वन विभाग की टीम ने भी प्रभावित गांवों का दौरा किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। विभाग के कर्मियों ने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया है कि नुकसान का सही आकलन कर सरकारी प्रावधानों के अनुसार जल्द ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
गुमला और आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल ग्रामीणों को जान-माल का भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि वन विभाग हाथियों की निगरानी के लिए ठोस व्यवस्था करे और प्रभावित ग्रामीणों को समय पर मुआवजा व सुरक्षा उपलब्ध कराए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
📢 न्यूज़ देखो अपील:
ग्रामीणों से अपील है कि जंगली हाथियों के आसपास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।






