
#गिरिडीह #हाथी_उत्पात : रात में हाथियों के अचानक घुसने पर अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को सुरक्षित किया गया
- तेलोडीह पंचायत में देर रात जंगली हाथियों ने भारी उत्पात मचाया।
- मुखिया शब्बीर आलम ने तुरंत घोषणा कर ग्रामीणों को सतर्क कराया।
- हाथियों ने कई जगह बाउंड्री वाल तोड़े व फसलों को नुकसान पहुंचाया।
- ग्रामीणों व वन विभाग की टीम ने हाथियों को खेत की ओर खदेड़ा।
- करहरबारी पंचायत में भी घरों व फसलों को नुकसान, मुआवजे की मांग।
मंगलवार देर रात गिरिडीह जिले के तेलोडीह पंचायत में तब अफरातफरी मच गई जब लगभग नौ बजे दर्जनों जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। गांधी मैदान की ओर से पंचायत सचिवालय होते हुए खुट्टा मस्जिद के पास की गलियों तक पहुंचकर हाथियों ने कई स्थानों पर बाउंड्री वाल तोड़ दिया और फसलों को रौंदते आगे बढ़ते गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। इसी बीच पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम ने तुरंत स्थिति की कमान संभाल ली और गांवों को बड़े हादसे से बचा लिया।
मुखिया की तत्परता से फैलाव रोका गया
जैसे ही हाथियों के प्रवेश की खबर मिली, शब्बीर आलम ने रात में ही सभी मोहल्लों की मस्जिदों में घोषणा करवाई। ग्रामीणों को सावधान रहने व घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई। मुखिया खुद मौके पर मौजूद रहकर लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे। उनकी सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित दिशा में खेतों की ओर मोड़कर गांव से दूर ले जाया गया। तेज आवाज़ों व सुरक्षित दूरी बनाकर ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर हाथियों को धीरे-धीरे गांव से बाहर निकाला।
वन विभाग की टीम ने भी संभाला मोर्चा
रात के अंधेरे में पहुंचे वन कर्मियों ने हाथियों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया ताकि वे किसी घर या आबादी वाले हिस्से में दोबारा प्रवेश न कर सकें। जंगली हाथियों के व्यवहार को देखते हुए टीम सतर्क रही और लगातार उनकी दिशा पर नजर बनाए रखी।
नुकसान का निरीक्षण और मुआवजे की मांग
स्थिति सामान्य होने के बाद मुखिया शब्बीर आलम ने गांव का दौरा कर टूटे हुए बाउंड्री वाल, बर्बाद फसलों और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने तुरंत विभागीय अधिकारियों से मांग की कि कृषि और संपत्ति नुकसान का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि कोई भी ग्रामीण आर्थिक संकट में न पड़े।
करहरबारी पंचायत में भी हाथियों का कहर
इधर करहरबारी पंचायत में भी हाथियों के दूसरे झुंड ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर फसलों को बर्बाद कर दिया। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद मुमताज ने वन विभाग से तत्काल मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित ग्रामीणों को शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाए।
न्यूज़ देखो: जंगली हाथियों के बढ़ते दायरे पर नियंत्रण की जरूरत
तेलोडीह और करहरबारी की यह घटना बताती है कि जंगली हाथियों की आवाजाही अब लगातार नजदीकी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगी है। ऐसे में वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच मजबूत समन्वय बेहद जरूरी है। मुखिया शब्बीर आलम की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा टाल दिया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान आवश्यक है।
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जागरूकता और एकजुटता ही बन सकती है सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल
जंगली हाथियों के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ ग्रामीणों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सामूहिक सतर्कता, त्वरित सूचना और वन विभाग के साथ सहयोग से कई संकटों को टाला जा सकता है। अब समय है कि हम सभी अपने इलाकों में वन्यजीव गतिविधियों पर नजर रखें और सुरक्षा उपायों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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