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बानो में जंगली हाथी का फिर कहर, बदलूंग गांव में महिला का घर तोड़ा, अनाज और सामान भी किया नष्ट

#बानो #जंगलीहाथीउत्पात : दल से बिछड़े हाथी ने बदलूंग गांव में घर तोड़ा, ग्रामीणों में दहशत।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में जंगली हाथी का उत्पात एक बार फिर सामने आया है। प्रखंड के बांकी पंचायत अंतर्गत बदलूंग गांव में शुक्रवार रात एक जंगली हाथी ने राधिका देवी के घर को तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया। घर में रखा अनाज और अन्य सामान भी हाथी ने नष्ट कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से मुआवजे की मांग उठ रही है।

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  • बानो प्रखंड के बांकी पंचायत स्थित बदलूंग गांव में जंगली हाथी ने घर तोड़ा।
  • पीड़ित राधिका देवी के घर में रखा अनाज और घरेलू सामान भी किया नष्ट।
  • पीड़िता का आरोप, पिछले वर्ष भी हाथी ने घर गिराया था, अब तक नहीं मिला मुआवजा।
  • घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
  • ग्रामीणों को सतर्क रहने और गांव के बाहर अलाव जलाने की अपील

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हाल के दिनों में हाथियों की गतिविधियां बढ़ने से कई गांवों में लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात बांकी पंचायत के बदलूंग गांव में एक जंगली हाथी ने एक घर को तोड़ दिया और उसमें रखा अनाज तथा अन्य सामग्री नष्ट कर दी। घटना के बाद ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

बदलूंग गांव में महिला का घर तोड़ा

जानकारी के अनुसार, बानो प्रखंड के बांकी पंचायत अंतर्गत बदलूंग गांव में शुक्रवार रात एक जंगली हाथी गांव में घुस आया। हाथी ने गांव में स्थित राधिका देवी के घर को निशाना बनाया और घर को तोड़ते हुए उसमें रखा अनाज और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचाया।

राधिका देवी के अनुसार, रात के समय अचानक हाथी गांव में पहुंच गया और उनके घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान परिवार के लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन घर को भारी नुकसान हुआ।

पिछले वर्ष भी हाथी ने गिराया था घर

पीड़िता राधिका देवी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब जंगली हाथी ने उनके घर को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल महीने में भी एक जंगली हाथी ने उनके घर को गिरा दिया था।

राधिका देवी ने कहा: “पिछले साल अप्रैल में भी जंगली हाथी ने घर गिरा दिया था। उस समय वन विभाग को आवेदन देकर मुआवजे की मांग की थी, लेकिन आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला।”

उन्होंने बताया कि मजदूरी कर किसी तरह घर को रहने लायक बनाया था, लेकिन एक बार फिर हाथी के हमले से घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

लगातार हो रही हाथियों की गतिविधियों से गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कभी भी गांव में घुस आता है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।

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गांव के लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

जिला परिषद सदस्य ने लिया घटना का जायजा

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से पूरी घटना की जानकारी ली और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

बिरजो कंडुलना ने कहा: “हाथी संभवतः आसपास के जंगल में ही है, इसलिए ग्रामीण सतर्क रहें और रात के समय विशेष सावधानी बरतें।”

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि गांव के बाहर अलाव की व्यवस्था रखें और हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें ताकि किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।

वन विभाग से मुआवजे की उठी मांग

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के हमले से लगातार नुकसान हो रहा है, लेकिन मुआवजा मिलने में काफी देरी हो जाती है। ऐसे में प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों से होने वाले नुकसान का जल्द सर्वे कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए।

न्यूज़ देखो: मानव और वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती

बानो क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता उत्पात मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को दर्शाता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षा और राहत दोनों की आवश्यकता है। प्रशासन और वन विभाग को चाहिए कि प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा और सुरक्षा के उपाय उपलब्ध कराएं। साथ ही हाथियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए ठोस व्यवस्था भी जरूरी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्कता और सहयोग से ही सुरक्षित रहेगा गांव

जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए जंगली जानवरों की गतिविधियां हमेशा चुनौती बनकर सामने आती हैं। ऐसे समय में सामूहिक सतर्कता और सहयोग ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय होता है।

यदि गांव के लोग मिलकर निगरानी रखें, रात में अलाव जलाएं और हाथियों की गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, तो कई बड़े हादसों से बचा जा सकता है। साथ ही प्रशासन की जिम्मेदारी भी है कि प्रभावित परिवारों की मदद समय पर की जाए।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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