Simdega

सुमिनबेड़ा गांव में जंगली हाथी का आतंक, पांच किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह

#बानो #वन्यजीव_आतंक : आधी रात हाथी के उत्पात से किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई।

बानो प्रखंड के बेड़ाइर्गी पंचायत अंतर्गत सुमिनबेड़ा गांव में बीती रात जंगली हाथी ने खेतों में घुसकर भारी तबाही मचाई। हाथी ने पांच किसानों की तैयार फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है, जिसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। बावजूद इसके, समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे मुआवजे और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • सुमिनबेड़ा गांव में आधी रात जंगली हाथी का अचानक प्रवेश।
  • पांच किसानों की खेतों में लगी फसलें पूरी तरह नष्ट।
  • प्रभावित किसान: अगस्टिन टोपनो, एलेक्शियस टोपनो, जसिंता कंडुलना, संजय टोपनो, सुषमा कंडुलना
  • घटना की सूचना वन विभाग को तुरंत दी गई।
  • समाचार लिखे जाने तक स्थल निरीक्षण नहीं
  • ग्राम सभा अध्यक्ष सनातन गुड़िया ने शीघ्र मुआवजे की मांग की।

बानो प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है, लेकिन सुमिनबेड़ा गांव में हुई इस घटना ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बीती रात जब अधिकांश ग्रामीण सो रहे थे, तभी जंगली हाथी गांव में घुस आया और खेतों में लगी फसलों को रौंदते हुए भारी नुकसान पहुंचाया। सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो तबाही का मंजर देखकर वे स्तब्ध रह गए।

आधी रात गांव में घुसा जंगली हाथी

ग्रामीणों के अनुसार जंगली हाथी रात लगभग 12 बजे सुमिनबेड़ा गांव में दाखिल हुआ। खेतों में पहुंचते ही उसने बिना रुके फसलों को कुचलना शुरू कर दिया। हाथी के अचानक प्रवेश से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन जान-माल की सुरक्षा के डर से ग्रामीण बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

इस घटना में अगस्टिन टोपनो, एलेक्शियस टोपनो, जसिंता कंडुलना, संजय टोपनो एवं सुषमा कंडुलना के खेतों में लगी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। ये फसलें किसानों की आजीविका का मुख्य सहारा थीं, जिन पर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति निर्भर करती है।

सुबह खेत देखकर किसानों के उड़ गए होश

सुबह जब किसान अपने खेतों की ओर गए, तो वहां फसल का नामोनिशान तक नहीं बचा था। रौंदी गई फसलें, टूटे पौधे और चारों ओर हाथी के पैरों के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि रात भर खेतों में भारी उत्पात मचाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस नुकसान से किसानों को हजारों रुपये की क्षति हुई है। पहले से ही सीमित संसाधनों में खेती करने वाले इन किसानों के सामने अब परिवार के भरण-पोषण की चिंता खड़ी हो गई है।

ग्राम सभा अध्यक्ष ने जताई चिंता

घटना को लेकर ग्राम सभा अध्यक्ष सनातन गुड़िया ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया:

सनातन गुड़िया ने कहा: “रात लगभग 12 बजे जंगली हाथी गांव में प्रवेश कर गया और पांच किसानों के खेतों में लगी फसल को पूरी तरह रौंद दिया। सुबह खेतों की हालत देखकर किसान हतप्रभ रह गए।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी गई, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।

वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल

ग्राम सभा अध्यक्ष के अनुसार घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दे दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से कोई भी पदाधिकारी या कर्मी स्थल पर जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग की टीम पहुंचती, तो क्षति का आकलन कर राहत प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। देरी के कारण किसानों में यह आशंका भी बढ़ रही है कि कहीं मुआवजा प्रक्रिया लंबी न खिंच जाए।

मुआवजा और सुरक्षा की मांग

सनातन गुड़िया ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों की मेहनत और जीवन सुरक्षित रह सके।

क्षेत्र में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष

बानो प्रखंड और आसपास के इलाकों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जंगली हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं किसानों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।

न्यूज़ देखो: किसानों की मेहनत और प्रशासन की जिम्मेदारी

यह घटना बताती है कि ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव प्रबंधन को लेकर अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। किसानों की फसलें उनकी साल भर की मेहनत का परिणाम होती हैं, जिनका यूं नष्ट होना बेहद गंभीर विषय है। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी मुआवजा व्यवस्था ही किसानों का भरोसा कायम रख सकती है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में कितनी जल्दी और प्रभावी कदम उठाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

खेत सुरक्षित हों, तभी किसान सुरक्षित होंगे

किसानों की फसल केवल अनाज नहीं, बल्कि उनके परिवार का भविष्य होती है। वन्यजीवों से होने वाले नुकसान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। समय पर मुआवजा और ठोस सुरक्षा उपाय ही ग्रामीणों को राहत दे सकते हैं। जरूरी है कि प्रशासन और वन विभाग मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: