रक्षाबंधन पर पूर्व सीएम रघुवर दास को महिलाओं ने बांधी राखी, कहा- यह केवल धागा नहीं, आशीर्वाद और संकल्प है

रक्षाबंधन पर पूर्व सीएम रघुवर दास को महिलाओं ने बांधी राखी, कहा- यह केवल धागा नहीं, आशीर्वाद और संकल्प है

author News देखो Team
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#रांची #रक्षाबंधन : पूर्व मुख्यमंत्री ने बहनों से लिया सुरक्षा का वचन
  • पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को बहनों और महिलाओं ने राखी बांधी
  • आशीर्वाद और सुरक्षा के संकल्प के रूप में मनाया गया पर्व।
  • प्राचीन काल से रक्षा सूत बांधने की परंपरा का उल्लेख।
  • महिलाओं की सुरक्षा और सद्बुद्धि के लिए की प्रार्थना।
  • त्यौहार को संस्कार और एकता का संदेश देने वाला बताया।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जमशेदपुर में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की कलाई पर उनकी बहनों और आसपास की महिलाओं ने रक्षा सूत्र बांधा। इस मौके पर माहौल भाईचारे, अपनापन और शुभकामनाओं से भरा हुआ था। रघुवर दास ने इस परंपरा को केवल एक धागा नहीं, बल्कि बहनों के आशीर्वाद और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक बताया।

परंपरा और आस्था का संगम

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा सूत रक्षा का वचन देता है और यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बहनों की सच्ची भावना है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से जब कोई धर्म युद्ध के लिए निकलता था, तब महिलाएं उनके हाथ में रक्षा सूत बांधकर विजय और सुरक्षा का आशीर्वाद देती थीं। यह परंपरा आज भी सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को मजबूती देने का कार्य कर रही है।

महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक संदेश

रघुवर दास ने समाज में बढ़ती नकारात्मक सोच पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर सबको सद्बुद्धि दे ताकि लोग सही मार्ग पर चलें और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्यौहार नहीं, बल्कि समाज में सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का अवसर है।

त्योहार से जुड़ा संदेश

उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, विश्वास और एकता का संदेश देता है। एक धागे में इतनी शक्ति होती है कि वह रिश्तों को जोड़ने के साथ-साथ जीवन में जिम्मेदारियों का अहसास कराता है। रघुवर दास ने लोगों से आह्वान किया कि इस अवसर पर हम सभी समाज में महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लें।

न्यूज़ देखो: परंपरा और सुरक्षा के संकल्प का उत्सव

रक्षाबंधन के इस अवसर ने न केवल पारिवारिक रिश्तों को गहरा किया, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और समाज में सकारात्मक सोच के प्रति जिम्मेदारी को भी याद दिलाया। ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

रिश्तों की डोर, विश्वास की मजबूती

इस पावन त्यौहार पर हर भाई को अपनी बहन की सुरक्षा का वचन निभाना चाहिए और समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में योगदान देना चाहिए। आप भी अपने विचार साझा करें, इस खबर को दोस्तों और परिवार के साथ बांटें और सजग नागरिकता की डोर को और मजबूत करें।

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