News dekho specials
Palamau

मेदिनीनगर में लेखक और पाठक आमने-सामने: सुबह की धूप के संवाद मंच पर आएंगे अशोक कुमार पाण्डे

#मेदिनीनगर #लेखकपाठकसंवाद : इतिहास, विचार और पुस्तकों पर सीधा संवाद करने पहुंचेंगे अशोक कुमार पाण्डे।

मेदिनीनगर में 1 फरवरी 2026 को साहित्य और इतिहास प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर आने वाला है, जब पत्रिका सुबह की धूप द्वारा लेखक-पाठक संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध इतिहासकार, पत्रकार और यूट्यूब चैनल ‘दी क्रेडिबल हिस्ट्री’ के संचालक अशोक कुमार पाण्डे अपनी चर्चित पुस्तकों के संदर्भ में पाठकों से सीधा संवाद करेंगे। आयोजन का उद्देश्य इतिहास, विचारधारा और समकालीन विमर्श को आम पाठकों से जोड़ना है। यह संवाद साहित्यिक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 1 फरवरी 2026 को मेदिनीनगर में होगा लेखक-पाठक संवाद।
  • अशोक कुमार पाण्डे अपनी दो पुस्तकों पर पाठकों से करेंगे चर्चा।
  • उसने गांधी को क्यों मारा? और बीसवीं सदी के तानाशाह रहेंगी संवाद का केंद्र।
  • पुस्तकों पर लगभग 12.5 प्रतिशत छूट के साथ उपलब्धता।
  • पाठकों को ऑटोग्राफ और फोटो का मिलेगा अवसर।

मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) में साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से ‘सुबह की धूप’ द्वारा आगामी 1 फरवरी 2026 को एक विशेष लेखक-पाठक संवाद का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश के चर्चित इतिहासकार, पत्रकार और लोकप्रिय यूट्यूब चैनल ‘दी क्रेडिबल हिस्ट्री’ के संचालक अशोक कुमार पाण्डे शिरकत करेंगे। यह आयोजन न केवल पुस्तकों पर चर्चा का मंच बनेगा, बल्कि इतिहास और विचारधारा को लेकर गंभीर संवाद का अवसर भी प्रदान करेगा।

अशोक कुमार पाण्डे से सीधा संवाद

लेखक-पाठक संवाद के दौरान अशोक कुमार पाण्डे अपनी दो महत्वपूर्ण पुस्तकों ‘उसने गांधी को क्यों मारा?’ और ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ के संदर्भ में पाठकों से बातचीत करेंगे। पाठकों को यह अवसर मिलेगा कि वे सीधे लेखक से प्रश्न पूछें, अपनी जिज्ञासाएं साझा करें और पुस्तकों की पृष्ठभूमि को लेखक की दृष्टि से समझ सकें।

अशोक कुमार पाण्डे समकालीन इतिहास को सरल, तथ्यात्मक और तार्किक भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनके लेखन और डिजिटल माध्यम पर प्रस्तुत इतिहास को युवा पाठकों के बीच विशेष लोकप्रियता मिली है।

‘उसने गांधी को क्यों मारा?’ का वैचारिक संदर्भ

अशोक कुमार पाण्डे की पुस्तक ‘उसने गांधी को क्यों मारा?’ आज़ादी की लड़ाई के दौरान हिंसा और अहिंसा के द्वंद्व को केंद्र में रखती है। यह पुस्तक उन ऐतिहासिक, वैचारिक और सामाजिक कारणों की पड़ताल करती है, जो महात्मा गांधी की हत्या की पृष्ठभूमि बने।

पुस्तक में गांधी की हत्या को केवल एक घटना के रूप में नहीं, बल्कि उस मानसिकता के रूप में देखा गया है, जो हिंसा को正 ठहराने और ‘हत्या’ को ‘वध’ के रूप में महिमामंडित करने का प्रयास करती है। लेखक इस प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल उठाते हैं और पाठकों को इतिहास को आलोचनात्मक दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करते हैं।

‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ और सत्ता का विश्लेषण

अपनी दूसरी पुस्तक ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ में अशोक कुमार पाण्डे विश्व इतिहास के कुछ कुख्यात तानाशाहों—हिटलर, स्टालिन, मुसोलिनी, किम इल-सुंग, पिनोशे और ईदी अमीन—के उदाहरणों के माध्यम से तानाशाही की प्रकृति का विश्लेषण करते हैं।

यह पुस्तक यह समझने का प्रयास करती है कि तानाशाही केवल किसी व्यक्ति विशेष की महत्वाकांक्षा का परिणाम होती है या फिर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियां भी समाज को ऐसे आत्मघाती निर्णयों की ओर धकेल देती हैं। लेखक सत्ता, भय, प्रचार और जनमानस के संबंधों को ऐतिहासिक तथ्यों के साथ सामने रखते हैं।

News dekho specials

पाठकों के लिए विशेष सुविधाएं

इस आयोजन के अवसर पर मेदिनीनगर के पाठकों के लिए दोनों पुस्तकें लगभग 12.5 प्रतिशत छूट के साथ प्रत्येक ₹350 में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इच्छुक पाठक ‘सुबह की धूप’ कार्यालय से इन पुस्तकों को प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पाठकों को लेखक से पुस्तक पर ऑटोग्राफ लेने और फोटोग्राफ खिंचवाने का अवसर भी मिलेगा, जो साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।

आयोजकों की पहल और संपर्क विवरण

इस लेखक-पाठक संवाद को सफल बनाने की जिम्मेदारी ‘सुबह की धूप’ टीम ने संभाली है। आयोजन से संबंधित जानकारी एवं पुस्तकों की उपलब्धता के लिए पाठक—

  • संपादक: शिवशंकर (मो. 9123420078)
  • सहायक संपादक: पंकज श्रीवास्तव (मो. 8873813976)

से संपर्क कर सकते हैं।

न्यूज़ देखो: संवाद से समृद्ध होती बौद्धिक संस्कृति

मेदिनीनगर में लेखक-पाठक संवाद का यह आयोजन दिखाता है कि छोटे शहरों में भी गंभीर बौद्धिक विमर्श की मजबूत संभावनाएं हैं। इतिहास और विचारधारा पर आधारित ऐसी पहलें पाठकों को केवल जानकारी नहीं, बल्कि सोचने की दिशा भी देती हैं। ‘सुबह की धूप’ का यह प्रयास स्थानीय साहित्यिक संस्कृति को नई पहचान देने वाला कदम है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किताबें सवाल पूछना सिखाती हैं

इतिहास केवल अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने की कुंजी है।
लेखक और पाठक के बीच संवाद विचारों को गहराई देता है।
अगर आप भी इतिहास और समाज को समझना चाहते हैं, तो इस संवाद का हिस्सा बनें।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: