चतरा में मनरेगा संविदा नियुक्ति हेतु लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, उपायुक्त ने किया केंद्र का निरीक्षण

चतरा में मनरेगा संविदा नियुक्ति हेतु लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, उपायुक्त ने किया केंद्र का निरीक्षण

author Binod Kumar
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#चतरा #मनरेगा_भर्ती : विभिन्न संविदा पदों के लिए ओएमआर आधारित परीक्षा में 265 अभ्यर्थी हुए शामिल।

चतरा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत संविदा आधारित नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर में आयोजित यह परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। परीक्षा के दौरान उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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  • डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में हुई लिखित परीक्षा।
  • कुल 34 संविदा पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित।
  • 431 स्वीकृत अभ्यर्थियों में से 265 अभ्यर्थी हुए उपस्थित।
  • परीक्षा ओएमआर पद्धति व वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित।
  • उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने परीक्षा केंद्र का किया निरीक्षण।

चतरा जिले में मनरेगा अंतर्गत विभिन्न पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत आज लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर में निर्धारित समय पर शुरू हुई और पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

किन पदों के लिए आयोजित हुई परीक्षा

इस लिखित परीक्षा के माध्यम से कुल 34 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी है। इनमें 01 प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, 09 तकनीकी सहायक (सहायक अभियंता के समक्ष), 09 तकनीकी सहायक (कनीय अभियंता के समक्ष), 07 लेखा सहायक तथा 08 कंप्यूटर सहायक के पद शामिल हैं। सभी पद संविदा आधारित हैं और नियुक्ति मनरेगा योजना के अंतर्गत की जानी है।

आवेदन और उपस्थिति की स्थिति

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन पदों के लिए कुल 846 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन पत्रों की जांच के क्रम में 415 आवेदनों में त्रुटि पाए जाने के कारण उन्हें अस्वीकृत कर दिया गया। शेष 431 आवेदन लिखित परीक्षा के लिए स्वीकृत किए गए थे। आज आयोजित परीक्षा में स्वीकृत अभ्यर्थियों में से 265 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 166 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए।

ओएमआर पद्धति से हुई परीक्षा

परीक्षा पूर्णतः वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित रही और ओएमआर पद्धति के माध्यम से आयोजित की गई। प्रश्न पत्र इस प्रकार तैयार किए गए थे कि अभ्यर्थियों की विषयगत समझ, तकनीकी ज्ञान और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन निष्पक्ष रूप से किया जा सके। परीक्षा केंद्र में अनुशासन बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पदाधिकारी और कर्मियों की तैनाती की गई थी।

उपायुक्त ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

परीक्षा के दौरान उपायुक्त कीर्तिश्री जी स्वयं डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचीं। उन्होंने अभ्यर्थियों की उपस्थिति, परीक्षा संचालन की पारदर्शिता, अनुशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और सुव्यवस्थित बनी रहे।

उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा:

“भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

मूल्यांकन दल का गठन

परीक्षा उपरांत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उपायुक्त के निर्देशानुसार मूल्यांकन दल का गठन भी किया गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट सूची तैयार कर आगे की चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई परीक्षा

जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था, निगरानी और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। इसके चलते परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। अभ्यर्थियों ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की।

न्यूज़ देखो: पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की ओर मजबूत कदम

मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत संविदा नियुक्ति के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा का आयोजन यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रहा है। प्रशासनिक निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों से चयन प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत होता है। अब सभी की निगाहें मूल्यांकन और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

योग्य चयन, मजबूत व्यवस्था – ग्रामीण विकास की दिशा में एक कदम

निष्पक्ष भर्ती से न केवल योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलता है, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त होता है। मनरेगा जैसे कार्यक्रमों की सफलता पारदर्शी प्रशासन से ही संभव है।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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