
#सिमडेगा #स्वास्थ्य_भर्ती : स्टाफ नर्स और एएनएम पदों के लिए आयोजित हुई लिखित परीक्षा।
सिमडेगा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा संत जॉन्स स्कूल, इंग्लिश मीडियम फरसाबेड़ा में संपन्न हुई, जहां उपायुक्त कंचन सिंह ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा में स्टाफ नर्स और एएनएम पदों के लिए अभ्यर्थियों ने भाग लिया। प्रशासन की निगरानी में पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराई गई।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत पारा मेडिकल कर्मियों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित।
- परीक्षा संत जॉन्स स्कूल, इंग्लिश मीडियम फरसाबेड़ा में संपन्न हुई।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा।
- स्टाफ नर्स (एसएनसीयू) के 09 और एएनएम (आरसीएच) के 24 पदों के लिए आयोजित परीक्षा।
- जिला प्रशासन की देखरेख में शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में हुई परीक्षा।
सिमडेगा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा आधारित पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा सिविल सर्जन कार्यालय, सिमडेगा (स्वास्थ्य विभाग) की ओर से संत जॉन्स स्कूल, इंग्लिश मीडियम फरसाबेड़ा में आयोजित की गई।
परीक्षा का निरीक्षण स्वयं सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
स्टाफ नर्स और एएनएम पदों के लिए परीक्षा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले में विभिन्न पारा मेडिकल पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में स्टाफ नर्स और एएनएम पदों के लिए यह लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्टाफ नर्स (एसएनसीयू) के 09 रिक्त पद तथा एएनएम (आरसीएच) के 24 रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त हुए थे।
इन पदों पर चयन प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
कुछ अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
एएनएम (आरसीएच) पद के लिए कुल 167 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन इनमें से 19 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
वहीं स्टाफ नर्स (एसएनसीयू) पद के लिए कुल 171 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें से 23 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
इसके बावजूद परीक्षा केंद्र पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही और सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा दी।
प्रशासन की निगरानी में कदाचारमुक्त परीक्षा
जिला प्रशासन की देखरेख में परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया गया। परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और अनुशासन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
परीक्षा के दौरान केंद्र पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
कई अधिकारी और कर्मी रहे उपस्थित
इस अवसर पर सिविल सर्जन सिमडेगा डॉ. सुंदर मोहन सामद, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मैक्सिमा लकड़ा, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, जिले के अन्य पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मीगण मौजूद रहे।
इसके साथ ही परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
न्यूज़ देखो: पारदर्शी भर्ती से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति के लिए आयोजित यह परीक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योग्य और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होती है तो इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए योग्य कर्मियों की जरूरत
किसी भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था उसके चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों पर निर्भर करती है। योग्य और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होती हैं।
ऐसे में जरूरी है कि भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।
यदि आप भी मानते हैं कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पारदर्शी भर्ती जरूरी है, तो इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।






