
#गिरिडीह #फाइलेरिया_उन्मूलन : एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए कॉलेज परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
गिरिडीह कॉलेज परिसर में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आगामी एमडीए सर्वजन दवा सेवन राउंड को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुआ, जिसमें NCC कैडेट्स और B.Ed के छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने छात्रों को फाइलेरिया से बचाव और दवा सेवन की महत्ता से अवगत कराया। यह पहल जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
- गिरिडीह कॉलेज परिसर में फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष कार्यक्रम।
- NCC कैडेट्स और B.Ed छात्रों की सक्रिय भागीदारी।
- डॉ. अनुज कुमार और प्रो. विनीता कुमारी रहे उपस्थित।
- स्वास्थ्य विभाग और पिरामल टीम ने दी रोग से जुड़ी जानकारी।
- एमडीए दवाओं को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया।
गिरिडीह जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के उद्देश्य से गिरिडीह कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य आगामी एमडीए राउंड के दौरान अधिक से अधिक लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करना था। इसमें युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखते हुए उन्हें इस अभियान का दूत बनने के लिए तैयार किया गया।
कॉलेज प्रशासन का संदेश
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार और प्रो. विनीता कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है।
उन्होंने बताया कि सही जानकारी, समय पर दवा सेवन और सामूहिक प्रयास से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभाएं।
डॉ. अनुज कुमार ने कहा: “युवा यदि ठान लें तो फाइलेरिया जैसी बीमारी को समाज से खत्म करना संभव है। आपकी जागरूकता कई परिवारों को सुरक्षित कर सकती है।”
स्वास्थ्य विभाग और पिरामल टीम की भूमिका
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और पिरामल टीम के प्रतिनिधियों ने फाइलेरिया रोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह रोग मच्छरों के काटने से फैलता है और समय पर इलाज न होने पर आजीवन विकलांगता का कारण बन सकता है।
प्रतिनिधियों ने फाइलेरिया के लक्षण, कारण और रोकथाम के उपायों को सरल भाषा में समझाया, ताकि छात्र इसे आम लोगों तक आसानी से पहुंचा सकें।
एमडीए दवा सेवन पर जोर
कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि एमडीए अभियान के तहत दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि पात्र व्यक्तियों द्वारा इन दवाओं का सेवन करने से फाइलेरिया के संक्रमण की कड़ी टूटती है।
छात्रों को यह भी समझाया गया कि अफवाहों और गलत धारणाओं के कारण कई लोग दवा लेने से बचते हैं, जिसे जागरूकता के जरिए दूर करना जरूरी है।
छात्रों ने ली जागरूकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान NCC कैडेट्स और B.Ed छात्रों ने न केवल स्वयं दवा सेवन करने, बल्कि अपने परिवार, मोहल्ले और गांव में लोगों को इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली।
छात्रों ने कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया के खतरे और दवा सेवन के लाभ के बारे में बताएंगे। उनका लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा लेने से वंचित न रह जाए।
युवाओं की भागीदारी से बढ़ी उम्मीद
आयोजकों का मानना है कि जब युवा किसी सामाजिक अभियान से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक होता है। कॉलेज के छात्रों की भागीदारी से एमडीए अभियान को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई गई।
इस तरह के कार्यक्रम न केवल जानकारी देते हैं, बल्कि समाज में भरोसा भी पैदा करते हैं।
फाइलेरिया मुक्त गिरिडीह की दिशा में कदम
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से जिले में एमडीए अभियान को मजबूती मिलेगी।
यदि छात्र अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो गिरिडीह जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य जागरूकता में युवाओं की ताकत
गिरिडीह कॉलेज में हुआ यह कार्यक्रम दिखाता है कि स्वास्थ्य अभियानों में युवाओं की भूमिका कितनी निर्णायक हो सकती है। जब सही जानकारी और जिम्मेदारी का भाव युवाओं में आता है, तो समाज में बदलाव तेज होता है। फाइलेरिया उन्मूलन की इस लड़ाई में छात्रों की भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज की शुरुआत जागरूकता से
फाइलेरिया जैसी बीमारियों से लड़ाई केवल दवा से नहीं, बल्कि जागरूकता से जीती जाती है। यदि हर व्यक्ति सही जानकारी के साथ दवा का सेवन करे, तो बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
आइए, हम सभी मिलकर फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें। इस खबर को साझा करें, लोगों को जागरूक करें और स्वास्थ्य के इस अभियान का हिस्सा बनें।



