
#लातेहार #प्रशिक्षण : पंचायत प्रतिनिधियों का दल सुशासन और नेतृत्व विकास हेतु आईआईएम बोधगया रवाना।
लातेहार जिला परिषद की निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक टीम पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंधन संस्थान बोधगया में विशेष प्रशिक्षण के लिए रवाना हुई है। यह प्रशिक्षण झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें नेतृत्व विकास, सुशासन और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस किया जाएगा। टीम का नेतृत्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी कर रही हैं। प्रशिक्षण से जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
- लातेहार जिला परिषद की टीम आईआईएम बोधगया में विशेष प्रशिक्षण हेतु रवाना।
- जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी कर रही हैं प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व।
- पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- नेतृत्व विकास, सुशासन और योजना प्रबंधन पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण।
- उप-प्रमुख कामेश्वर राम सहित कई निर्वाचित सदस्य टीम में शामिल।
- डिप्टी कलेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने दी शुभकामनाएं।
लातेहार जिले में पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत लातेहार जिला परिषद की एक टीम भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रवाना हुई है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और विकास योजनाओं के प्रबंधन को सुदृढ़ करना है।
उपाध्यक्ष अनीता देवी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल
इस प्रशिक्षण प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी कर रही हैं। उनके साथ जिला परिषद के कई निर्वाचित सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हैं, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस दल में प्रमुख रूप से सरोज देवी, चंचला देवी, संतोषी शेखर, जीरा देवी, स्टेला नगेसिया, बुद्धेश्वर उरांव, विनोद उरांव, बलवंत सिंह, प्रियंका देवी सहित उप-प्रमुख कामेश्वर राम और अन्य पंचायत प्रतिनिधि शामिल हैं।
यह प्रतिनिधिमंडल लातेहार जिले की ग्रामीण शासन व्यवस्था का एक व्यापक प्रतिनिधित्व करता है, जिससे प्रशिक्षण के अनुभवों का लाभ पूरे जिले में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों को प्रभावशाली नेतृत्व, सुशासन, विकास योजनाओं के बेहतर प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित करेगा। IIM बोधगया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रशिक्षण से प्रतिनिधियों को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों, नीति-निर्माण की समझ और प्रशासनिक निर्णय क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।
पंचायती राज विभाग का मानना है कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रबंधन और नेतृत्व के आधुनिक कौशल से लैस होंगे, तभी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से गांवों तक पहुंचेगा और विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
अनीता देवी ने जताई सकारात्मक उम्मीद
प्रस्थान से पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने कहा कि यह प्रशिक्षण जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा:
अनीता देवी ने कहा: “आईआईएम बोधगया में मिलने वाला यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद स्तर तक विकास योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा। इससे हमें बेहतर नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के बाद प्राप्त अनुभवों और सीख को जिले के सभी पंचायत क्षेत्रों में लागू करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
सुशासन की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायती राज प्रतिनिधियों का इस प्रकार का प्रशिक्षण सुशासन की नींव को मजबूत करता है। स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अक्सर प्रबंधन की कमी, जानकारी का अभाव और समन्वय की समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में IIM जैसे संस्थान से प्राप्त प्रशिक्षण इन कमियों को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है।
डिप्टी कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर कोमर ग्राम निवासी डिप्टी कलेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने पूरी टीम को प्रशिक्षण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का इस प्रकार का प्रशिक्षण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा और विकास कार्यों को नई दिशा देगा।
जिले में विकास को मिलेगी नई गति
लातेहार जैसे आदिवासी बहुल और ग्रामीण प्रधान जिले में विकास योजनाओं की सफलता काफी हद तक स्थानीय प्रतिनिधियों की दक्षता पर निर्भर करती है। IIM बोधगया में प्रशिक्षण से प्रतिनिधियों को न केवल योजनाओं के तकनीकी पक्ष की समझ मिलेगी, बल्कि वे जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के नए तरीके भी सीख सकेंगे।
यह भी उम्मीद की जा रही है कि प्रशिक्षण के बाद पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
न्यूज़ देखो: पंचायत नेतृत्व को मजबूत करने की पहल
लातेहार जिला परिषद की टीम का IIM बोधगया जाना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार स्थानीय शासन को मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। यदि इस प्रशिक्षण से मिली सीख को जमीनी स्तर पर सही ढंग से लागू किया गया, तो ग्रामीण विकास की तस्वीर बदल सकती है। अब निगाह इस पर रहेगी कि प्रशिक्षण के बाद जिले में किस तरह के ठोस बदलाव देखने को मिलते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत पंचायत, सशक्त लोकतंत्र
स्थानीय शासन की मजबूती ही विकास की असली कुंजी है।
जब जनप्रतिनिधि प्रशिक्षित और जागरूक होंगे, तभी योजनाएं सही मायनों में सफल होंगी।
आप भी अपनी पंचायत के विकास को लेकर सजग रहें, इस खबर को साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।






