#ठेठईटांगर #ग्रामीण_समस्याएं : सड़क, पेयजल और बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि से गुहार लगाई।
ठेठईटांगर प्रखंड के बाघचट्टा पंचायत अंतर्गत कई गांवों का दौरा कर जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सड़क, पेयजल, बिजली और कृषि से जुड़ी परेशानियां प्रमुख रूप से सामने आईं। ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई। जिप सदस्य ने समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से पहल करने का भरोसा दिया।
- बाघचट्टा पंचायत के कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से मिले अजय एक्का।
- सलयाटोली-खरवागढ़ा सड़क निर्माण की मांग ग्रामीणों ने प्रमुखता से उठाई।
- ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली और कृषि समस्याओं को लेकर जताई चिंता।
- जिप सदस्य ने कहा — सभी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाएंगी।
- दौरे में मुखिया एलिजाबेथ बागे समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे उपस्थित।
ठेठईटांगर प्रखंड के बाघचट्टा पंचायत में ग्रामीण समस्याओं को लेकर एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के समक्ष आवाज उठी है। पश्चिमी क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने पंचायत के विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को खुलकर रखा और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान आकर्षित कराया। दौरे के दौरान कई गांवों में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं की मांग प्रमुख रूप से सामने आई। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनके क्षेत्र की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से किया संवाद
जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने बाघचट्टा पंचायत अंतर्गत सलयाटोली, माझी टोली, खरवागढ़ा, लट्ठाखम्हान समेत कई गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में अब भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। खासकर सड़क और पेयजल की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। कई ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज
दौरे के दौरान सबसे प्रमुख मांग बाघचट्टा पंचायत भवन से सलयाटोली-खरवागढ़ा तक सड़क निर्माण की रही। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क जर्जर होने के कारण गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क के कारण खेती-किसानी से जुड़े कार्य भी प्रभावित होते हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
पेयजल और बिजली की समस्याओं से भी जूझ रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि कई टोला और गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मी के मौसम में लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। वहीं बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कृषि कार्यों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। किसानों ने बताया कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कृषि सुविधाओं को बेहतर बनाने की भी मांग की।
ग्रामीणों को समाधान का भरोसा
दौरे के दौरान जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के समक्ष सभी मुद्दों को रखा जाएगा ताकि समाधान की दिशा में आवश्यक पहल हो सके।
अजय एक्का ने कहा: “ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों से बात कर जल्द पहल की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि पंचायत और गांवों के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच संवाद बेहद जरूरी है। लोगों की समस्याओं को समझकर ही विकास योजनाओं को सही दिशा दी जा सकती है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। मौके पर बाघचट्टा पंचायत की मुखिया एलिजाबेथ बागे, समाजसेवी मतियस बागे, प्रकाश मांझी, पंकज नायक, सुष्मा कुमारी, सुखदेव प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों के इस दौरे से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी और विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
न्यूज़ देखो: गांवों तक पहुंचना ही असली जनसेवा की पहचान
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी कई सवाल खड़े करती है। जनप्रतिनिधियों का गांवों तक पहुंचकर सीधे लोगों की समस्याएं सुनना लोकतंत्र की मजबूत तस्वीर पेश करता है। हालांकि अब जरूरत केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की भी है। यदि संबंधित विभाग समय पर पहल करें तो ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक ग्रामीण ही मजबूत गांव की नींव बनते हैं
ग्रामीण विकास केवल योजनाओं से नहीं बल्कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से संभव होता है। अपनी समस्याओं को संगठित होकर उठाना बदलाव की पहली सीढ़ी है। सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं हर गांव का अधिकार हैं और इनके लिए लगातार आवाज उठाना जरूरी है।

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