
#सिमडेगा #कंबल_वितरण : शीतलहर के बीच जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने का सराहनीय सामाजिक प्रयास।
सिमडेगा शहर में कड़ाके की ठंड के बीच जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत उन्होंने शहर के कई गरीब और वंचित इलाकों में जाकर स्वयं लोगों को कंबल वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य शीतलहर से प्रभावित कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाना और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना रहा। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखी गई।
- जोसिमा खाखा ने सिमडेगा शहर के कई गरीब इलाकों में कंबल वितरण किया।
- खिजरी सांयपुर, तेलीटोली, लोहराटोली, कोढ़ीचौक सहित कई बस्तियों को किया गया कवर।
- ठंड से प्रभावित जरूरतमंद, असहाय और गरीब परिवारों को मिली राहत।
- अभियान में कांग्रेस पार्टी की सामाजिक प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
- संतोष सिंह, शिव केसरी, शोभेन तिग्गा, संगीता देवी सहित कई कार्यकर्ता रहे मौजूद।
- समाज के सक्षम लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की गई।
सिमडेगा जिले में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती शीतलहर के बीच जरूरतमंदों की परेशानी को देखते हुए यह अभियान चलाया गया। जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से संवाद भी किया और उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। अभियान का मुख्य उद्देश्य ठंड से राहत पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक संवेदना को मजबूत करना रहा।
शहर के गरीब इलाकों में पहुंचा राहत अभियान
कंबल वितरण अभियान के तहत खिजरी सांयपुर, तेलीटोली, लोहराटोली और कोढ़ीचौक समेत सिमडेगा शहर की कई गरीब और वंचित बस्तियों को शामिल किया गया। इन इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग दैनिक मजदूरी, छोटे कामों या असंगठित क्षेत्र पर निर्भर हैं, जिनके लिए ठंड का मौसम सबसे अधिक कष्टकारी होता है। सड़क किनारे, झुग्गी-झोपड़ियों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए सर्द रातें जानलेवा साबित हो सकती हैं।
जोसिमा खाखा ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए, जिससे लोगों में आत्मीयता और भरोसे का भाव देखने को मिला। कई बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
सामाजिक दायित्व पर जोर
कंबल वितरण के दौरान जोसिमा खाखा ने कहा:
जोसिमा खाखा ने कहा: “ठंड के इस कठिन समय में समाज के सबसे कमजोर तबके को राहत पहुंचाना हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है। कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीबों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों के साथ खड़ी रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन नहीं जी पाएगा, तब तक सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष जारी रहना चाहिए। उनका मानना है कि केवल योजनाओं की बात करने से नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम करने से ही वास्तविक बदलाव संभव है।
सर्दी में बढ़ जाती हैं गरीबों की समस्याएं
जोसिमा खाखा ने सर्दी के मौसम में गरीबों की बढ़ती समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
जोसिमा खाखा ने कहा: “सर्दी के मौसम में सड़क किनारे, झुग्गी-झोपड़ी और गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में उन्हें सहयोग और संवेदनशीलता की सबसे अधिक जरूरत होती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। इससे न केवल पीड़ितों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती मिलती है।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की सहभागिता
इस अभियान में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला विधायक प्रतिनिधि संतोष सिंह, ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिव केसरी, शोभेन तिग्गा, संगीता देवी समेत अनेक स्थानीय कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। सभी ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में सहयोग देने की बात कही।
मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई और विभिन्न इलाकों में जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें सहायता पहुंचाने में सहयोग किया।
न्यूज़ देखो: सर्दी में संवेदना और जिम्मेदारी की सशक्त तस्वीर
यह खबर बताती है कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों का मैदान में उतरकर जरूरतमंदों के बीच पहुंचना समाज में विश्वास और उम्मीद पैदा करता है। जोसिमा खाखा का यह प्रयास ठंड से जूझ रहे लोगों के लिए राहत के साथ-साथ संवेदनशील राजनीति का उदाहरण भी है। आने वाले समय में प्रशासन और अन्य संगठनों से भी ऐसे प्रयासों की अपेक्षा की जाती है।
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संवेदनशील समाज की ओर एक कदम
ठंड के इस मौसम में किसी जरूरतमंद को दी गई थोड़ी सी राहत भी उसकी जिंदगी बचा सकती है। ऐसे प्रयास समाज में मानवता, करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। जब जनप्रतिनिधि खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाते हैं, तो आम लोग भी प्रेरित होते हैं। जरूरत है कि हम सभी अपने आसपास नजर डालें और किसी न किसी रूप में मदद के लिए आगे आएं। आपकी एक छोटी पहल किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है।




