
#लातेहार #स्वास्थ्य_शिविर : ग्रामीणों की जांच और जागरूकता हेतु विशेष पहल की गई।
लातेहार जिले के सासंग गांव में बनहरदी कोयला खनन परियोजना के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 122 ग्रामीणों ने भाग लेकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व का सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई।
- सासंग गांव में बनहरदी कोयला परियोजना द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित।
- कुल 122 ग्रामीणों ने कराई स्वास्थ्य जांच।
- ब्लड प्रेशर और शुगर टेस्ट सहित सामान्य जांच की सुविधा।
- डॉक्टरों ने मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श और जागरूकता संदेश दिया।
- शिविर में एम. चंद्र सेगर, आर. बी. सिंह, विनेश कुमार रहे उपस्थित।
- ग्रामीणों के स्वास्थ्य सुधार के लिए सामुदायिक विकास पहल को सराहना।
लातेहार जिले के सासंग गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। बनहरदी कोयला खनन परियोजना के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य न केवल बीमारियों की पहचान करना था, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी था। इस आयोजन ने ग्रामीणों को घर के पास ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी।
ग्रामीणों को मिली निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा
रेलवे कॉरिडोर क्षेत्र स्थित सासंग गांव में आयोजित इस शिविर में आसपास के कई गांवों के लोग पहुंचे। कुल 122 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई, जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और युवा शामिल थे।
शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर (डायबिटीज) और अन्य सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। इन जांचों के माध्यम से कई लोगों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी मिली, जिससे वे समय रहते सावधानी बरत सकें।
डॉक्टरों ने दी जरूरी सलाह और जागरूकता
जांच के बाद उपस्थित डॉक्टरों ने सभी लाभार्थियों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित जांच कराने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।
मनीष देवदत्त एक्का (चिकित्सा अधिकारी) ने कहा:
मनीष देवदत्त एक्का ने कहा: “समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है, इससे बीमारियों का पता प्रारंभिक अवस्था में ही चल जाता है।”
उन्होंने ग्रामीणों को विशेष रूप से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
इस स्वास्थ्य शिविर में परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें एम. चंद्र सेगर (अपर महाप्रबंधक, कोल माइनिंग), आर. बी. सिंह (अपर महाप्रबंधक, एलए/आर एंड आर) और विनेश कुमार (वरिष्ठ प्रबंधक) शामिल थे।
अधिकारियों की उपस्थिति से न केवल कार्यक्रम की गंभीरता का पता चलता है, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि परियोजना प्रबंधन ग्रामीणों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है।
सामुदायिक विकास की दिशा में अहम कदम
यह स्वास्थ्य शिविर बनहरदी कोयला खनन परियोजना के सामुदायिक विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी का मजबूत संदेश
सासंग गांव में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर यह दर्शाता है कि औद्योगिक परियोजनाएं यदि चाहें तो सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना आज की बड़ी जरूरत है, खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में। हालांकि, ऐसे शिविरों की निरंतरता और फॉलो-अप भी उतना ही जरूरी है ताकि वास्तविक सुधार सुनिश्चित हो सके। क्या भविष्य में और गांवों तक यह पहल पहुंचेगी, यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज के लिए जागरूक बनें और आगे बढ़ें
स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, और इसकी सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। ऐसे शिविर हमें यह सिखाते हैं कि छोटी-सी जांच भी बड़ी बीमारी को रोक सकती है।
आइए, हम नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत डालें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। जागरूकता ही बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
आप भी अपने क्षेत्र में ऐसे प्रयासों को समर्थन दें, अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि हर गांव स्वस्थ और जागरूक बन सके।






