
#गुमला #दुष्कर्म_मामला : रायडीह थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में युवक की गिरफ्तारी।
गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक स्टेफन कुजर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामला रायडीह थाना कांड संख्या 08/26 के तहत दर्ज किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
- 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना।
- आरोपी स्टेफन कुजर (19 वर्ष) को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- मामला दर्ज – रायडीह थाना कांड संख्या 08/26 दिनांक 17.02.2026।
- धाराएं – धारा 65(1) BNS एवं 4/8 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई।
- आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल।
गुमला। जिले के रायडीह थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार रायडीह थाना कांड संख्या 08/26 दिनांक 17 फरवरी 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्राथमिक अभियुक्त के रूप में स्टीफन कुजूर (उम्र 19 वर्ष), पिता सुबोध कुजूर, ग्राम मांझा टोली, थाना रायडीह, जिला गुमला का नाम सामने आया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही रायडीह थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4/8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
क्षेत्र में चिंता का माहौल
घटना के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कानूनी प्रावधान और जिम्मेदारी
पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों में सख्त सजा का प्रावधान है। कानून का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: समाज और कानून दोनों की कसौटी
रायडीह की यह घटना एक बार फिर बताती है कि नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। त्वरित गिरफ्तारी सकारात्मक कदम है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए सामाजिक जागरूकता, पारिवारिक सतर्कता और कठोर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी
बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें।
कानून पर भरोसा रखें और पीड़ित परिवार का मनोबल बढ़ाएं।
चुप्पी नहीं, जागरूकता ही समाधान है।
यदि आपके क्षेत्र में भी किसी प्रकार की घटना या चिंता है, तो आवाज उठाएं।
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