
#गुमलाशहर #दुर्घटनासजगता : भट्टी मोहल्ला में आग से झुलसे बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाकर टली बड़ी अनहोनी।
गुमला जिला मुख्यालय के भट्टी मोहल्ला वार्ड संख्या 05 में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा उस समय हो गया, जब खेल-खेल में माचिस से आग लगने पर 7 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। आग की चपेट में आए मासूम को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस मानवीय प्रयास में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मुख्तार आलम ने त्वरित भूमिका निभाई। फिलहाल बच्चा खतरे से बाहर बताया जा रहा है और उसका इलाज जारी है।
- भट्टी मोहल्ला वार्ड 05 में शनिवार सुबह हुआ हादसा।
- 7 वर्षीय उमेश नायक खेल के दौरान आग की चपेट में आया।
- असंगठित कामगार कांग्रेस सह 20 सूत्री सदस्य मुख्तार आलम ने पहुंचाया अस्पताल।
- सदर अस्पताल गुमला में कराया गया तत्काल उपचार।
- चिकित्सकों के अनुसार बच्चा खतरे से बाहर।
गुमला शहर के भट्टी मोहल्ला वार्ड संख्या 05 में शनिवार सुबह करीब 6 बजे एक हृदयविदारक घटना सामने आई। मोहल्ले में खेल रहे बच्चों के बीच अचानक माचिस से आग लगने की घटना ने सभी को दहशत में डाल दिया। इस हादसे में कडरा नायक का 7 वर्षीय पुत्र उमेश नायक गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश नायक सुबह अन्य बच्चों के साथ अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों ने खेल-खेल में माचिस जलाई और पास में रखे रद्दी कपड़ों में आग लगा दी। आग तेजी से फैल गई और इससे पहले कि बच्चे कुछ समझ पाते, उमेश उसकी चपेट में आ गया। बच्चे के शरीर में आग लगते ही चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर दौड़ने लगे।
मुख्तार आलम बने संकट में सहारा
घटना की सूचना मिलते ही असंगठित कामगार कांग्रेस के नेता एवं 20 सूत्री सदस्य मुख्तार आलम बिना देर किए अपनी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल घायल बच्चे को गोद में उठाया और सीधे सदर अस्पताल गुमला पहुंचाया।
मुख्तार आलम ने न केवल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया, बल्कि चिकित्सकों से त्वरित प्राथमिक उपचार भी शुरू करवाया और इलाज की पूरी निगरानी स्वयं की।
मुख्तार आलम ने कहा: “ऐसी घटनाएं बेहद दुखद हैं। समय पर इलाज मिल जाए तो जान बच सकती है। अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।”
परिजनों की हालत और मोहल्ले का माहौल
हादसे के बाद से ही बच्चे की मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस हादसे को चेतावनी बताते हुए बच्चों की सुरक्षा पर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही।
चिकित्सकों की राय
सदर अस्पताल में उपचार कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे को गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण अब उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। चिकित्सकों की टीम लगातार बच्चे की निगरानी कर रही है।
स्थानीय लोगों ने दिखाई मानवता
इस बचाव कार्य में मुख्तार आलम के साथ कमला देवी, गुलशेर कुरैशी और राजा कुरैशी ने भी सक्रिय सहयोग किया। सभी ने मिलकर घायल बच्चे को संभालने, अस्पताल पहुंचाने और परिजनों को ढांढस बंधाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों ने इसे मानवता की सच्ची मिसाल बताया।
अभिभावकों से अपील
हादसे के बाद मुख्तार आलम ने अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे अपने बच्चों को माचिस, लाइटर और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
न्यूज़ देखो: सतर्कता से ही टल सकती हैं ऐसी दुर्घटनाएं
यह घटना बताती है कि बच्चों की छोटी-सी शरारत भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। समय पर मदद और मानवीय संवेदनशीलता ने इस मामले में एक मासूम की जान बचाई। साथ ही यह प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी है। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे हादसों से बचने के लिए मोहल्ला स्तर पर भी सजगता अभियान चलाए जाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक छोटी सतर्कता, बचा सकती है एक जीवन
बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
घर और आसपास खतरनाक वस्तुओं से बच्चों को दूर रखना जरूरी है।
ऐसी घटनाओं से सबक लेकर हमें और अधिक सजग बनना होगा।
आप भी अपने आसपास बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान दें और दूसरों को जागरूक करें।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और समाज में सुरक्षा का संदेश फैलाएं।







