#बरवाडीह #बालविवाहरोकथाम : अक्षय तृतीया पर जागरूकता अभियान चलाकर दिलाई गई शपथ।
बरवाडीह प्रखंड में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए ‘सतर्कता दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने मिलकर लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर शपथ दिलाई गई और कानून की जानकारी दी गई। यह पहल समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- अक्षय तृतीया के मौके पर बरवाडीह प्रखंड में ‘सतर्कता दिवस’ का आयोजन।
- बीडीओ रेखा रेशमा मिंज और जिप सदस्य संतोषी शेखर ने संभाली कमान।
- लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी।
- कार्यक्रम में स्कूल, धार्मिक स्थल और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में चलाया गया अभियान।
- बाल विवाह में शामिल लोगों के लिए 2 साल तक सजा और जुर्माने की चेतावनी।
बरवाडीह प्रखंड में अक्षय तृतीया के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल देखने को मिली, जहां बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। वैदिक समिति संगठन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूक करना और इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रेरित करना था।
विभिन्न क्षेत्रों में पहुंची जागरूकता टीम
जागरूकता कार्यक्रम के तहत टीम ने प्रखंड के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया। लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने परिवार और समाज में इस कुप्रथा को बढ़ावा नहीं देंगे। इस दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया।
जनप्रतिनिधियों ने दी कड़ी चेतावनी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा:
“बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है। यह नाबालिग बच्चियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा कि केवल अभिभावक ही नहीं, बल्कि विवाह में शामिल होने वाले सभी लोग इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस कुप्रथा के खिलाफ खड़ा होना होगा।
प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत
प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“बाल विवाह रोकने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने बताया कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
कानून की जानकारी और दंड का प्रावधान
कार्यक्रम में मौजूद एनजीओ के जिला समन्वयक प्रेम कुमार और अन्य सदस्यों ने लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अपराध में शामिल होने पर दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यह नियम लड़का-लड़की पक्ष के साथ-साथ आयोजन में शामिल सभी लोगों पर लागू होता है।
महिलाओं और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी
इस अभियान में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सुपरवाइजर रानी कुमारी, एलिजाबेथ टोपनो, सेविका शोभा देवी, प्रेमा देवी, संगीता सिंह, दीप नारायण यादव, प्रेम देवी, उषा देवी, पूनम देवी, रीता देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया और इसे समाज से खत्म करने का वादा किया।

न्यूज़ देखो: समाज सुधार की दिशा में मजबूत पहल
बरवाडीह में ‘सतर्कता दिवस’ के जरिए बाल विवाह के खिलाफ चलाया गया यह अभियान एक सकारात्मक और जरूरी पहल है। यह न केवल जागरूकता फैलाता है, बल्कि समाज को जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह जागरूकता जमीनी स्तर पर स्थायी बदलाव ला पाएगी? प्रशासन की सख्ती और समाज की भागीदारी ही इस कुप्रथा को खत्म कर सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी
बाल विवाह जैसी कुप्रथा सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के भविष्य पर बड़ा खतरा है। इसे रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है। अगर हम आज चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
अपने आसपास हो रहे ऐसे किसी भी मामले की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें और जिम्मेदार नागरिक बनें। जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें और इस महत्वपूर्ण खबर को शेयर कर समाज में बदलाव की मुहिम का हिस्सा बनें।
