#मेदिनीनगर #कैंडल_मार्च : ऋचा मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग—महिलाओं और युवाओं ने सड़कों पर जताया आक्रोश।
मेदिनीनगर में मृतक ऋचा मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। शहर के विभिन्न इलाकों से निकले इस मार्च में महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पूरे शहर में भावुक और आक्रोशपूर्ण माहौल देखने को मिला।
- मेदिनीनगर में ऋचा मिश्रा के लिए निकला कैंडल मार्च।
- महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों की बड़ी भागीदारी।
- “ऋचा को इंसाफ दो” और “दहेज हत्या बंद करो” के लगे नारे।
- निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
- हाथों में मोमबत्तियां जलाकर दी गई श्रद्धांजलि।
- दहेज प्रथा खत्म करने की समाज से अपील।
मेदिनीनगर शहर में बुधवार शाम मृतक ऋचा मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों से शुरू हुआ कैंडल मार्च मुख्य मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोग न्याय की मांग करते नजर आए और पूरे शहर में भावुक माहौल बना रहा।
दहेज प्रथा के खिलाफ उठा विरोध
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दहेज प्रथा के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। लोगों ने “ऋचा को इंसाफ दो” और “दहेज हत्या बंद करो” जैसे नारों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आज भी दहेज जैसी सामाजिक बुराई के कारण कई बेटियों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है और समाज को इसके खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मार्च में शामिल लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा: “यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
लोगों ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में देरी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
शहर में दिखा भावुक माहौल
कैंडल मार्च के दौरान पूरे शहर का माहौल भावुक और आक्रोशपूर्ण रहा। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां जलाकर ऋचा मिश्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
महिलाओं ने कहा कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करना बेहद जरूरी है।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस कैंडल मार्च में कई सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा शामिल हुए। प्रमुख रूप से शर्मिला वर्मा, मधु मालिनी, ग्रेसी मिश्रा, रानू सिन्हा, मंजू चंद्रा, अमितू सिंह, फरहा नाज, रिया सिंह, अंकिता वर्मा, चंदा देवी, उषा माखड़िया, कंचन मैम, वंदना श्रीवास्तव, पूजा मिश्रा, राजा सिंह, पार्थ मिश्रा, रॉकी मिश्रा, विवेक वर्मा, मनीष दूबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
समाज में जागरूकता की जरूरत
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि केवल कानून से ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से भी दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। लोगों ने युवाओं और अभिभावकों से इस कुप्रथा के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की।
न्यूज़ देखो: दहेज के खिलाफ समाज को होना होगा एकजुट
मेदिनीनगर में निकला यह कैंडल मार्च केवल एक न्याय की मांग नहीं, बल्कि समाज में फैली दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ जनआवाज है। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी यह संकेत देती है कि समाज अब इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहता। प्रशासन के लिए जरूरी है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए आगे आएं
दहेज जैसी कुप्रथाएं केवल एक परिवार नहीं, पूरे समाज को कमजोर करती हैं। अब समय आ गया है कि हर नागरिक इसके खिलाफ खुलकर आवाज उठाए और बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे आए।
समाज तभी बदलेगा जब लोग चुप रहने के बजाय अन्याय के खिलाफ खड़े होंगे।
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