
#लातेहार #विवेकानंद_जयंती : विवेकानंद चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विचारों को किया गया नमन।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जयंती श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। विवेकानंद चौक स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में राष्ट्रभाव, आत्मबल और सकारात्मक सोच को मजबूत करना रहा।
- चंदवा प्रखंड में स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन।
- विवेकानंद चौक स्थित प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण।
- युवाओं को विवेकानंद के विचारों पर चलने का संदेश दिया गया।
- स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित।
- शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में कार्यक्रम संपन्न।
चंदवा प्रखंड में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जयंती पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विवेकानंद चौक स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को स्मरण किया।
प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत विवेकानंद चौक पर स्थित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण शांत, अनुशासित और प्रेरणादायी बना रहा।
वक्ताओं ने विवेकानंद के विचारों को बताया प्रासंगिक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आत्मविश्वास, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा को जीवन का आधार बताया। वक्ताओं के अनुसार, यदि युवा विवेकानंद के आदर्शों को अपनाएं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति माना। उनके विचार आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जब समाज को नैतिकता, एकता और सेवा भावना की आवश्यकता है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आत्ममंथन और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर मंटू केसरी, अजय वेद्य, गोपाल जयसवाल, काशी ठाकुर, विकास कुमार, विजय कुमार, सुभाष कुमार, सतीश प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने अपने विचार साझा करते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला और उनके विचारों को आत्मसात करने की अपील की।
शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण और गरिमामय वातावरण में हुआ। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने तथा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया।
न्यूज़ देखो: विचारों से समाज को दिशा देने का प्रयास
चंदवा में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि आज भी स्वामी विवेकानंद के विचार समाज को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव पैदा होता है। आवश्यकता है कि ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिकता न रहकर व्यवहार में भी उतारे जाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
युवाओं में आत्मबल और राष्ट्रभाव जगाने की जरूरत
स्वामी विवेकानंद के विचार केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं। यदि युवा उनके संदेशों को अपनाएं, तो समाज मजबूत और राष्ट्र सशक्त बन सकता है। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में लिखें और प्रेरणादायी विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।





