हैदरनगर थाना के पुराने धोखाधड़ी मामले में आरोपी के मुंबई स्थित घर पर चिपकाया गया न्यायालय का इश्तहार

हैदरनगर थाना के पुराने धोखाधड़ी मामले में आरोपी के मुंबई स्थित घर पर चिपकाया गया न्यायालय का इश्तहार

author Yashwant Kumar
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#हैदरनगर #कानूनी_कार्रवाई : 2019 के धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी के मुंबई आवास पर न्यायालय आदेश का इश्तहार चिपकाया गया।

पलामू जिले के हैदरनगर थाना कांड संख्या 49/19 से जुड़े एक पुराने धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर फरार आरोपी के घर पर इश्तहार चिपकाने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुंबई स्थित आरोपी के आवास पर स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में अदालत में पेश नहीं होने पर आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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  • हैदरनगर थाना कांड संख्या 49/19 (दिनांक 14 जून 2019) से जुड़ा मामला।
  • आरोपी कुणाल गाला, पिता मनसुख भाई गाला, निवासी कंचनगंगा बिल्डिंग, पंतनगर, मुंबई
  • आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत दर्ज है मामला।
  • एसआई आशीष कुमार ने पंतनगर थाना पुलिस के सहयोग से इश्तहार चिपकाया।
  • न्यायिक दंडाधिकारी शंभू महतो, डालटनगंज के आदेश पर की गई कार्रवाई।

पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने आपराधिक मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अहम कार्रवाई करते हुए आरोपी के मुंबई स्थित घर पर इश्तहार चिपकाया है। यह कार्रवाई वर्ष 2019 में दर्ज हैदरनगर थाना कांड संख्या 49/19 से जुड़ी है, जिसमें आरोपी पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार यह मामला 14 जून 2019 को दर्ज किया गया था और इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लंबे समय से आरोपी के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने उसके विरुद्ध इश्तहार जारी करने का आदेश दिया था।

न्यायालय के आदेश पर की गई कार्रवाई

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हैदरनगर थाना पुलिस ने आरोपी के मुंबई स्थित आवास पर जाकर इश्तहार चिपकाने की प्रक्रिया पूरी की। यह कार्रवाई प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शंभू महतो, डालटनगंज द्वारा जारी आदेश के तहत की गई।

इस कार्रवाई के दौरान हैदरनगर थाना के सब-इंस्पेक्टर आशीष कुमार ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इश्तहार चिपकाया।

इश्तहार चिपकाने की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की मौजूदगी में की गई, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार पूरी की जा सके।

मुंबई स्थित आवास पर चिपकाया गया इश्तहार

पुलिस के अनुसार आरोपी कुणाल गाला, पिता मनसुख भाई गाला, का आवास कंचनगंगा बिल्डिंग, लास्ट फ्लोर, नियर ऑडियन सिनेमा हॉल, थाना पंतनगर, जिला मुंबई में स्थित है। इसी पते पर जाकर पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी इश्तहार को विधिवत चिपकाया।

इस दौरान हैदरनगर थाना की टीम के साथ पंतनगर पुलिस स्टेशन की स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही, जिसने प्रक्रिया को पूरा कराने में सहयोग दिया।

आरोपी को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार न्यायालय द्वारा जारी इश्तहार का उद्देश्य आरोपी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में उपस्थित होने का अंतिम अवसर देना है। यदि आरोपी इस अवधि के भीतर अदालत में उपस्थित नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी।

थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने कहा: “न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आरोपी के मुंबई स्थित घर पर इश्तहार चिपकाने की कार्रवाई की गई है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है तो उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई भी उसी आधार पर की जाएगी।

कानूनी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है इश्तहार

कानूनी प्रक्रिया में इश्तहार चिपकाना उस स्थिति में किया जाता है, जब किसी मामले में आरोपी लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं होता या पुलिस की पकड़ से दूर रहता है। ऐसी स्थिति में अदालत आरोपी को सार्वजनिक रूप से सूचना देकर अदालत में उपस्थित होने का आदेश देती है।

यदि आरोपी इसके बाद भी उपस्थित नहीं होता है, तो अदालत उसके विरुद्ध कुर्की-जब्ती जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।

इस मामले में भी न्यायालय ने आरोपी को अंतिम अवसर देते हुए यह प्रक्रिया अपनाई है, ताकि वह कानून के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सके।

न्यूज़ देखो: फरार आरोपियों पर सख्ती जरूरी

हैदरनगर थाना कांड से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश पर की गई कार्रवाई यह दिखाती है कि कानून से बचकर भागना आसान नहीं है। फरार आरोपियों के विरुद्ध इश्तहार चिपकाने जैसी प्रक्रियाएं न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिससे उन्हें अदालत के सामने उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में पेश होता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

कानून से ऊपर कोई नहीं

कानून का सम्मान और न्याय व्यवस्था में विश्वास किसी भी लोकतांत्रिक समाज की मजबूत नींव होता है। जब प्रशासन और न्यायालय मिलकर कानून का पालन सुनिश्चित करते हैं, तब समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।

जरूरी है कि हर नागरिक कानून का सम्मान करे और किसी भी विवाद या आरोप की स्थिति में न्यायालय की प्रक्रिया का पालन करे। यही एक जिम्मेदार समाज की पहचान है।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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