
#लावालौंग #चतरा #अफीम_विनष्टीकरण : सोमवार से पुलिस ने पोस्ता खेती उन्मूलन का अभियान शुरू किया।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड में अवैध अफीम खेती के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में 50 ट्रैक्टर और तीन कंपनी फोर्स की तैनाती के साथ विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों को स्वयं फसल नष्ट करने की चेतावनी दी है। यह अभियान नशा तस्करी पर रोक और कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
- सुमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में विशेष अभियान।
- 50 ट्रैक्टर और 3 कंपनी फोर्स की तैनाती।
- स्वयं फसल नष्ट नहीं करने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी।
- रिमी पंचायत के कई गांवों में चलेगा विनष्टीकरण अभियान।
- अवैध अफीम खेती पर प्रशासन की सख्त निगरानी।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड क्षेत्र में अवैध अफीम (पोस्ता) की खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार से बड़े स्तर पर विनष्टीकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व चतरा पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल स्वयं कर रहे हैं। अभियान के तहत 50 ट्रैक्टरों और तीन कंपनी सुरक्षा बल की मदद से अफीम की अवैध फसल को नष्ट किया जाएगा।
बड़े पैमाने पर तैयारी, सुरक्षा बल तैनात
प्रशासन द्वारा की गई तैयारी यह संकेत देती है कि इस बार कार्रवाई व्यापक स्तर पर की जाएगी। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में गठित टीम चिन्हित क्षेत्रों में पहुंचकर अवैध पोस्ता की फसल को जड़ से नष्ट करेगी। तीन कंपनी फोर्स की तैनाती से स्पष्ट है कि अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
थाना प्रभारी की सख्त चेतावनी
लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा ने स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा:
प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा: “जो भी व्यक्ति अफीम की खेती कर रहे हैं, वे स्वयं अपनी फसल को नष्ट कर दें। अन्यथा प्रशासन द्वारा चिन्हित कर एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि अवैध खेती में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
रिमी पंचायत सहित कई गांवों में अभियान
प्रशासन द्वारा रिमी पंचायत के विभिन्न गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां विनष्टीकरण अभियान चलाया जाएगा। इनमें होशिर, रिमी, पसागण, नोसोदाग, लवाशोखर, कुकुरमरवा, शोरू नवा डीह और खाखर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर अफीम की अवैध खेती की सूचना के आधार पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
नशा उन्मूलन की दिशा में सख्त कदम
चतरा जिला लंबे समय से अवैध अफीम खेती के कारण सुर्खियों में रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का कारण भी बनती है। इसलिए इस अभियान को नशा उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम खेतों का निरीक्षण करेगी और जहां भी अवैध फसल मिलेगी, उसे तत्काल नष्ट किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

न्यूज़ देखो: नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
लावालौंग में शुरू हुआ यह अभियान दिखाता है कि प्रशासन अब अवैध अफीम खेती को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है। बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर और सुरक्षा बल की तैनाती से साफ है कि कार्रवाई व्यापक और सुनियोजित है। सवाल यह भी है कि क्या इस अभियान के बाद स्थायी समाधान के लिए वैकल्पिक आजीविका के प्रयास होंगे। नशा उन्मूलन के साथ सामाजिक पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है।
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नशामुक्त समाज की ओर बढ़ाएं कदम
अवैध खेती से होने वाला नुकसान केवल कानून तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है।
जरूरी है कि लोग कानून का पालन करें और वैध आजीविका के रास्ते अपनाएं।
प्रशासन की कार्रवाई तभी सफल होगी जब समाज भी सहयोग करे।
आपके क्षेत्र में भी यदि अवैध गतिविधियां दिखें तो जागरूक बनें और प्रशासन को सूचना दें।
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