
#खलारी #राज्यपाल_मुलाकात : वीर नीलाम्बर पीताम्बर के शहादत दिवस पर आमंत्रण सौंपा गया।
खरवार भोगता समाज विकास संघ के केंद्रीय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने 28 मार्च को मोरहाबादी में आयोजित वीर नीलाम्बर पीताम्बर शहादत दिवस कार्यक्रम में आमंत्रण दिया। साथ ही पलामू के लेस्लीगंज स्थित फांसी एवं शहादत स्थल की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए संरक्षण और जीर्णोद्धार की मांग उठाई।
- रांची लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से भेंट।
- 28 मार्च को मोरहाबादी में शहादत दिवस कार्यक्रम का आमंत्रण।
- लेस्लीगंज स्थित फांसी स्थल के संरक्षण की मांग।
- केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझु व पूर्व विधायक हरेकृष्ण सिंह शामिल।
- समिति के कई पदाधिकारी प्रतिनिधिमंडल में रहे मौजूद।
खलारी क्षेत्र से जुड़े खरवार भोगता समाज विकास संघ के केंद्रीय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को रांची के लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर नीलाम्बर पीताम्बर शाही भोगता खरवार के शहादत दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल को आमंत्रित किया। साथ ही ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया।
शहादत दिवस कार्यक्रम में आमंत्रण
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझु ने किया, जबकि मनिका के पूर्व विधायक हरेकृष्ण सिंह भी साथ रहे। दोनों नेताओं ने राज्यपाल को 28 मार्च को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले शहादत दिवस कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण पत्र सौंपा।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा नीलाम्बर पीताम्बर की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल होंगे।
फांसी स्थल की जर्जर स्थिति पर चिंता
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने पलामू जिला के लेस्लीगंज नीलाम्बर पीताम्बर पुर प्रखंड स्थित वीर नीलाम्बर पीताम्बर के फांसी स्थल एवं शहादत स्थल की वर्तमान स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान में इन ऐतिहासिक स्थलों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और उचित संरक्षण के अभाव में उनका महत्व प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इन स्थलों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जाए ताकि इसे एक ऐतिहासिक स्मारक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
इतिहास के संरक्षण की मांग
प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि वीर नीलाम्बर पीताम्बर का बलिदान स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। ऐसे में उनके फांसी स्थल और शहादत स्थल का संरक्षण न केवल समाज, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने आग्रह किया कि सरकार इस दिशा में पहल कर स्थलों के विकास की योजना बनाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास से परिचित हो सकें।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान समिति के झलकु गंझु, उमेश सिंह भोगता, रामलखन गंझु, अमृत भोगता, प्रभाकर गंझु, अक्षय भोगता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और शहादत दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन की बात रखी।
न्यूज़ देखो: इतिहास के सम्मान की दिशा में पहल
खरवार भोगता समाज द्वारा उठाई गई यह मांग इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि फांसी और शहादत स्थल का समुचित विकास होता है, तो यह क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकता है। अब देखना होगा कि राज्य स्तर पर इस विषय में क्या ठोस निर्णय लिए जाते हैं।
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अपने इतिहास को संजोना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
इतिहास केवल पुस्तकों में नहीं, बल्कि स्मारकों और स्थलों में जीवित रहता है। यदि हम अपने शहीदों के स्थलों को संरक्षित करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।






