
#पांडू #धार्मिक_आयोजन : करमडीह में श्रीरामजानकी मंदिर परिसर में सप्ताहभर चलेगा संगीतमय कथा कार्यक्रम।
पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत करमडीह गांव में रामनवमी के अवसर पर श्रीरामजानकी मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 20 मार्च से 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन कथा वाचन और भजन-कीर्तन होगा। कथा वाचन स्वामी राममुद्राचार्य बालयोगी जी महाराज द्वारा किया जाएगा। आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
- 20 मार्च से 26 मार्च 2026 तक करमडीह में श्रीमद्भागवत सप्ताह।
- आयोजन स्थल श्री रामजानकी मंदिर परिसर, करमडीह।
- प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक कथा और भजन-कीर्तन।
- कथा वाचन स्वामी राममुद्राचार्य बालयोगी जी महाराज करेंगे।
- आयोजन करमडीह ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा।
पांडू (पलामू), प्रतिनिधि।
रामनवमी के पावन अवसर पर पांडू प्रखंड के करमडीह गांव में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्री रामजानकी मंदिर परिसर में संगीतमय श्रीमद्भागवत साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जो सात दिनों तक चलेगा। इस आयोजन में श्रद्धालु कथा श्रवण और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करेंगे।
यह कार्यक्रम 20 मार्च 2026 से शुरू होकर 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयोजन को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
सात दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान
करमडीह गांव में आयोजित इस श्रीमद्भागवत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन कथा वाचन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में एकत्र होकर भगवान की भक्ति में लीन होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का भी संदेश देगा।
प्रसिद्ध संत करेंगे कथा वाचन
इस धार्मिक आयोजन की विशेषता यह है कि कथा वाचन अखिल भारतीय श्री वैष्णव संत स्वामी राममुद्राचार्य बालयोगी जी महाराज द्वारा किया जाएगा। वे अपनी मधुर वाणी और ज्ञानवर्धक प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं।
स्वामी राममुद्राचार्य बालयोगी जी महाराज द्वारा कहा जाता है:
“श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है।”
उनके प्रवचन से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों की गहराई को समझने का अवसर मिलेगा।
ग्रामवासियों के सहयोग से हो रहा आयोजन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में करमडीह गांव के सभी ग्रामवासियों का अहम योगदान है। पूरे गांव के लोग मिलकर इस धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हुए हैं।
आयोजन समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम सामूहिक सहयोग और समर्पण का उदाहरण है, जहां हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभा रहा है।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करें और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।
कार्यक्रम में भाग लेने से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होगी, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का भी संदेश फैलेगा।
न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजन से बढ़ती है सामाजिक एकता
करमडीह में आयोजित यह श्रीमद्भागवत सप्ताह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। ऐसे आयोजन लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
आज के समय में जहां सामाजिक दूरी बढ़ती जा रही है, वहां इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति और एकता का संदेश अपनाएं
धार्मिक आयोजन हमें न केवल ईश्वर के करीब लाते हैं, बल्कि हमें एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देते हैं। ऐसे अवसरों पर हमें आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
आइए, हम सभी इस पावन अवसर पर शामिल होकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लें।
आप भी इस आयोजन में जरूर शामिल हों और अपने अनुभव साझा करें।
कमेंट कर बताएं कि आपके क्षेत्र में ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों का क्या महत्व है।
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