
#विश्रामपुर #पलामू #धार्मिकआयोजन : नवरात्र महायज्ञ के तहत निकली शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद अंतर्गत रेहला में वासंतिक नवरात्र के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिद्धपीठ श्री योगीबीर देवस्थल से शुरू हुई इस शोभायात्रा में 501 कलश के साथ श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक उत्साह के बीच कोयल नदी से जल लाकर यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया।
- रेहला, विश्रामपुर में वासंतिक नवरात्र पर भव्य शोभायात्रा।
- 501 कलश के साथ निकली मंगल कलश यात्रा।
- कोयल नदी से जल भरकर यज्ञ मंडप में स्थापित।
- कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग रहे शामिल।
- जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पूरा कस्बा।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत रेहला कस्बे में वासंतिक नवरात्र के अवसर पर धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गढ़वा रोड स्टेशन परिसर स्थित सिद्धपीठ श्री योगीबीर देवस्थल से श्रीरामचरित मानस नवाह्न पारायण महायज्ञ सह बीसवें मानस अधिवेशन को लेकर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
इस शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जहां 501 कलश लिए कन्याकुमारी और शक्ति स्वरूपा महिलाओं की टोली विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। पूरे कस्बे में जय श्रीराम के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्ति और उल्लास के बीच निकली शोभायात्रा
भव्य शोभायात्रा यज्ञ परिसर से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। श्रद्धालु गाजे-बाजे और झंडे-पताकों के साथ चल रहे थे, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंग गया।
इस दौरान श्रद्धालु रामभक्तों द्वारा लगातार जय श्रीराम के नारे लगाए जा रहे थे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
मुख्य यजमान और पुजारी की भूमिका
मंगल कलश यात्रा में मुख्य यजमान पंकज मिश्र अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए, जबकि पुजारी आलोक पाठक मुख्य पूजा कलश लेकर आगे-आगे चल रहे थे।
इनके नेतृत्व में पूरी यात्रा विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुई।
छह किलोमीटर नंगे पांव चली श्रद्धालु महिलाएं
इस आयोजन की खास बात यह रही कि नारी शक्ति ने छह किलोमीटर तक नंगे पांव चलकर कोयल नदी से जल भरकर कलश में लाया। इसके बाद इस जल को यज्ञ मंडप में विधिवत स्थापित किया गया।
यह श्रद्धा और आस्था का अनूठा उदाहरण रहा, जिसने पूरे आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
कई गणमान्य लोग रहे शामिल
इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में पदमाकर लाल दास (मानव संसाधन प्रमुख, रेहला ग्रासिम संस्थान) उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डा. ईश्वर सागर चंद्रवंशी (आरसीयू.वि.वि.के कुलाधिपति) मौजूद थे। इसके अलावा अनिल गिरी (सीएसआर पदाधिकारी), डा. बी पी शुक्ल, रामनाथ कश्यप, संजू सिंह (रामनवमी पूजा महासमिति अध्यक्ष), रमाशंकर शुक्ल (कार्यकारी अध्यक्ष), रामचंद्र दीक्षित, प्रमोद दीक्षित, ज्वाला गुप्ता, शशिशेखर दीक्षित, अशोक तिवारी, संतोष गुप्ता, कामेश्वर पाल, ओम प्रकाश सोनी, रजनीश भगत समेत कई लोग शामिल हुए।
महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष श्याम किशोर चंद्रवंशी और रेहला थाना के पदाधिकारी अमित पांडेय भी पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे।
धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह
पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं में आगामी दिनों में होने वाले श्रीरामचरित मानस नवाह्न पारायण और राम कथा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी बढ़ावा देता है।

न्यूज़ देखो: आस्था और एकता का संगम
रेहला का यह आयोजन दिखाता है कि धार्मिक परंपराएं किस तरह समाज को एक सूत्र में बांधती हैं। यहां नारी शक्ति की भागीदारी और लोगों की एकजुटता प्रेरणादायक है। क्या ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को और मजबूत करेंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ समाज निर्माण का संदेश
धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा देने का माध्यम भी बनते हैं।
ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी संस्कृति को जीवित रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों को इसकी जानकारी देते हैं।
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