
#गिरिडीह #ईसरीबाजार #महावीरजयंती : जैन समाज की शोभा यात्रा में गूंजे जियो और जीने दो के संदेश।
गिरिडीह जिले के ईसरी बाजार में महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। तेरहपंथी कोठी मंदिर से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पारसनाथ दिगम्बर जैन विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे नगर में भगवान महावीर के संदेशों के साथ भक्ति और अनुशासन का माहौल रहा।
- ईसरी बाजार में जैन समाज द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
- तेरहपंथी कोठी मंदिर से शुरू होकर नगर भ्रमण किया गया।
- पारसनाथ दिगम्बर जैन विद्यालय के छात्र-छात्राओं की भागीदारी।
- भगवान महावीर के जियो और जीने दो संदेश से गूंजा माहौल।
- रथ में विराजमान भगवान महावीर, युवाओं ने नंगे पैर खींचा रथ।
- पुलिस प्रशासन के सहयोग से शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न।
गिरिडीह जिले के ईसरी बाजार में भगवान महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य और अनुशासित शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा तेरहपंथी कोठी मंदिर से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बनाती रही। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग, महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हुए।
तेरहपंथी कोठी मंदिर से शुरू हुई यात्रा
सोमवार को सुबह जैन समाज के श्रद्धालुओं ने तेरहपंथी कोठी मंदिर से शोभा यात्रा की शुरुआत की। भगवान महावीर की प्रतिमा को सजे-धजे रथ पर विराजमान किया गया, जिसे समाज के युवाओं ने नंगे पैर अपने हाथों से खींचा।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़ाया उत्साह
इस शोभा यात्रा में पारसनाथ दिगम्बर जैन मध्य एवं उच्च विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने प्रधानाध्यापक सुनील कुमार जैन के नेतृत्व में भाग लिया। छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और ध्वज पताका लिए भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए पूरे मार्ग में उत्साह का संचार करते रहे।
एक शिक्षक ने कहा: “महावीर जयंती हमें अहिंसा और सहअस्तित्व का संदेश देती है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।”
जियो और जीने दो के संदेश से गूंजा शहर
पूरे मार्ग में “जियो और जीने दो” के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे सांस्कृतिक रंग और अधिक निखर गया।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था
शोभा यात्रा के दौरान रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई थी। इससे गर्मी के बीच लोगों को राहत मिली और यात्रा सुचारू रूप से आगे बढ़ती रही।
प्रशासन का मिला सहयोग
इस आयोजन में पुलिस प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे शोभा यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
कई गणमान्य लोग रहे शामिल
इस अवसर पर जैन समाज के मंत्री अशोक कुमार जैन, सोम कुमार जैन, मयंक जिनेश जैन, मीना जैन, रश्मि जैन, अनिता जैन, कल्पना जैन, सरिता जैन और शोभना जैन सहित कई गणमान्य लोगों की सहभागिता रही।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ अनुशासन का उदाहरण
ईसरी बाजार की यह शोभा यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन और सामाजिक एकता का भी उदाहरण है। भगवान महावीर के अहिंसा और सहअस्तित्व के संदेश को जिस तरह से समाज के हर वर्ग ने अपनाया, वह सराहनीय है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अहिंसा और सहअस्तित्व को अपनाएं
भगवान महावीर का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था। “जियो और जीने दो” का सिद्धांत हमें एक बेहतर समाज की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
आइए, हम इस संदेश को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में शांति, सहिष्णुता और सद्भाव को बढ़ावा दें। अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
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