News dekho specials
Garhwa

स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन, छात्रों को मिला अनुशासन और सेवा भाव का व्यावहारिक पाठ

#गढ़वा #स्काउट_गाइड : प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को नेतृत्व, अनुशासन और समाज सेवा का मिला व्यवहारिक अनुभव।

गढ़वा जिले में आयोजित स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस शिविर का आयोजन परियोजना उच्च विद्यालय अटौला, मध्य विद्यालय खिरोडीह एवं पीएम श्री संग्रहे परिसर में किया गया था। शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और सेवा भाव विकसित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के सिद्धांतों का व्यवहारिक ज्ञान दिया गया, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • गढ़वा जिले के तीन विद्यालय परिसरों में हुआ स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।
  • अनुशासन, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सेवा भाव पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण।
  • विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और स्वच्छता का दिया गया अभ्यास।
  • हिन्दुस्तान स्काउट जिला संगठन आयुक्त अमित कुमार झा ने किया मार्गदर्शन।
  • शिविर में छात्र-छात्राओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ लिया भाग।

गढ़वा जिले में स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन शिक्षा और संस्कारों के समन्वय का एक सराहनीय उदाहरण बनकर सामने आया है। परियोजना उच्च विद्यालय अटौला, मध्य विद्यालय खिरोडीह एवं पीएम श्री संग्रहे परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य केवल पाठ्येतर गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देना भी रहा। शिविर के माध्यम से बच्चों को जीवन कौशल, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा गया।

शिविर का उद्देश्य और महत्व

इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना था। स्काउट-गाइड आंदोलन के मूल सिद्धांतों के अनुरूप बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, साहस और समाज सेवा की भावना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्तमान समय में जब बच्चों का झुकाव डिजिटल दुनिया की ओर अधिक है, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक जीवन कौशल सिखाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान दी गई गतिविधियां

शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के सिद्धांतों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। प्रशिक्षण सत्रों में अनुशासन का पालन, नेतृत्व कौशल, आपसी सहयोग, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सेवा-भाव से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास कराए गए। विभिन्न समूह गतिविधियों, अभ्यास सत्रों और प्रदर्शन के माध्यम से बच्चों में टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना विकसित की गई।

अनुशासन और नेतृत्व पर विशेष जोर

प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को समय पालन, समूह में कार्य करने और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का अभ्यास कराया गया। सुबह की दिनचर्या से लेकर विभिन्न गतिविधियों तक अनुशासन को प्राथमिकता दी गई। इससे बच्चों में आत्मनियंत्रण और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ, जो उनके शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में सहायक सिद्ध होगा।

छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी

शिविर में शामिल छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ गतिविधियों में भाग लिया। विभिन्न अभ्यासों के दौरान बच्चों ने आत्मविश्वास, सहयोग और नेतृत्व के गुणों को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया। इससे न केवल उनके व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिली, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हुई।

समापन समारोह में प्रेरणादायक संदेश

शिविर के समापन अवसर पर हिन्दुस्तान स्काउट जिला संगठन आयुक्त अमित कुमार झा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा:

अमित कुमार झा ने कहा: “स्काउट-गाइड आंदोलन बच्चों को केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।”

News dekho specials

उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में स्काउट-गाइड जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान

शिविर के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि यदि छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण में सीखे गए मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं, तो वे समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सेवा भाव, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुण न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि एक सशक्त समाज की नींव भी रखते हैं।

विद्यालय परिवार और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

शिविर के सफल आयोजन से विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों में खुशी का माहौल देखा गया। सभी ने एक स्वर में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

न्यूज़ देखो: अनुशासन और सेवा भाव की मजबूत नींव

गढ़वा में आयोजित यह स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को व्यवहारिक जीवन कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी सिखाते हैं। प्रशासन और विद्यालयों की यह पहल सराहनीय है और इसे निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कार और सेवा से सशक्त भविष्य की ओर

आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन, अनुशासन और सेवा भाव की शिक्षा दी जाए, तो वे समाज को नई दिशा दे सकते हैं। ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं। आप भी शिक्षा और संस्कार से जुड़े ऐसे प्रयासों का समर्थन करें। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और सकारात्मक बदलाव की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 5 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

Back to top button
error: