
#मनोहरपुर #महाशिवरात्रि_उत्सव : शिव पार्वती विवाह और भव्य शिव बारात का आयोजन, श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमे।
पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव-पार्वती विवाह का भव्य आयोजन किया गया। शिवशक्ति संघ मुनिआश्रम के तत्वावधान में निकली शिव बारात की झांकी ने पूरे शहरी क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। भूत-प्रेत के स्वरूपों के साथ निकली बारात आकर्षण का केंद्र रही।
- शिवशक्ति संघ मुनिआश्रम के तत्वावधान में आयोजित हुआ शिव विवाह।
- भगवान शिव संग भूत, बैताल और पिशाच रूपी झांकी बनी आकर्षण का केंद्र।
- “सज रही कैसी यह बारात भोले बाबा की” गीत पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
- नगर भ्रमण के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाह अनुष्ठान।
- मुनिआश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन।
पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत शहरी क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव-पार्वती विवाह का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। शिवशक्ति संघ मुनिआश्रम के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में परंपरा के अनुसार शिव बारात की भव्य झांकी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भूत-प्रेत संग निकली शिव बारात की झांकी
कार्यक्रम की शुरुआत मुनिआश्रम परिसर से हुई, जहां से भगवान शिव की आकर्षक प्रतिमा के साथ शिव बारात निकाली गई। झांकी में भगवान शिव के साथ भूत, बैताल और पिशाच के स्वरूप में सजे श्रद्धालु शामिल थे। यह दृश्य पौराणिक मान्यता को जीवंत करता नजर आया।
शिव बारात मुनिआश्रम से निकलकर शहरी क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण पर निकली। रास्ते भर श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष करते रहे। पूरे वातावरण में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
बारात के दौरान “सज रही कैसी यह बारात भोले बाबा की” जैसे लोकप्रिय भक्ति गीतों की धुन पर महिला और पुरुष श्रद्धालु जमकर झूमे। ढोल-नगाड़ों और बाजे की धुन पर नृत्य करते श्रद्धालुओं ने स्वयं को शिव बाराती मानते हुए उत्सव में पूरी आस्था से भाग लिया।
आतिशबाजी से पूरा आकाश रोशन हो उठा और भक्ति गीतों की गूंज से नगर का वातावरण शिवमय हो गया। शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में झांकी का आयोजन संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाह
नगर भ्रमण के पश्चात शिव बारात पुनः मुनिआश्रम परिसर लौटी, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संस्कार विधि-विधान से संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने इस पवित्र अनुष्ठान का साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
विवाह अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति की ओर से सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई थीं।
महाशिवरात्रि की धार्मिक मान्यता
सनातन धर्म के वेद और पुराणों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। मान्यता है कि भगवान शिव भूत-प्रेतों के साथ बारात लेकर माता पार्वती के घर पहुंचे थे। इसी पौराणिक प्रसंग को जीवंत करने के लिए शिव बारात की परंपरा निभाई जाती है।
मनोहरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी सशक्त उदाहरण बना। श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को भव्य और यादगार बना दिया।
न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का संगम
मनोहरपुर में आयोजित शिव विवाह और बारात की झांकी ने यह साबित किया कि धार्मिक पर्व केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और समाज में सामूहिकता की भावना को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी पहचान हैं।
आस्था हमें जोड़ती है, संस्कृति हमें मजबूत बनाती है।
ऐसे आयोजनों में भाग लेकर परंपरा को आगे बढ़ाएं।
धार्मिक उत्सवों को स्वच्छ और शांतिपूर्ण बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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