#पलामू #धार्मिक_अनुष्ठान : जपला के लौटनिया पहाड़ पर नौ दिवसीय यज्ञ से क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत जपला स्थित लौटनिया पहाड़ पर 19 फरवरी 2026 से भव्य यज्ञ का शुभारंभ हुआ है, जो 27 फरवरी तक जारी रहेगा। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दूर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और प्रवचनों से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूबा है। आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की हैं।
- लौटनिया पहाड़, जपला में 19 फरवरी 2026 से भव्य यज्ञ का शुभारंभ।
- आयोजन 27 फरवरी तक नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के रूप में जारी।
- तत्वावधान में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री सत्य प्रपन्नाचार्य जी महाराज।
- अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह (मुखिया) व संयोजक गुनगुन सिंह की सक्रिय भूमिका।
- दूर-दूर से श्रद्धालुओं की भागीदारी, क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत जपला स्थित लौटनिया पहाड़ इन दिनों पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया है। 19 फरवरी 2026 से प्रारंभ हुआ यह भव्य यज्ञ धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम बनकर उभर रहा है। 27 फरवरी तक चलने वाले इस नौ दिवसीय महायज्ञ में क्षेत्र सहित दूर-दूर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। मंत्रोच्चार, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज से संपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र आध्यात्मिक चेतना से आलोकित हो उठा है।
लौटनिया पहाड़ बना आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र
जपला स्थित लौटनिया पहाड़ की पवित्र वादियों में इन दिनों वैदिक मंत्रों, हवन और पूजा-अर्चना की ध्वनि निरंतर गूंज रही है। धार्मिक अनुष्ठानों के कारण पूरे क्षेत्र में एक दिव्य और शांत वातावरण का अनुभव किया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ यज्ञ स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
नौ दिनों तक चलने वाला यह यज्ञ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपरा को भी सशक्त करने वाला आयोजन माना जा रहा है।
जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री सत्य प्रपन्नाचार्य जी महाराज के तत्वावधान में आयोजन
इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन अनंत श्री विभूषित श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री सत्य प्रपन्नाचार्य जी महाराज, मंगल भवन श्री अयोध्या जी शक्तिपीठ विंध्याचल के तत्वाधान में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में यज्ञ की धार्मिक गरिमा और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया है।
यज्ञ के दौरान विधि-विधान के साथ पूजन, हवन, प्रवचन तथा भजन-कीर्तन का क्रम निरंतर जारी रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रेरणा और मानसिक शांति प्राप्त हो रही है।
नौ दिवसीय कार्यक्रम में विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन
आयोजन के दौरान प्रतिदिन वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन, धार्मिक प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। संत-महात्माओं के प्रवचन श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक जीवन के प्रति प्रेरित कर रहे हैं।
आयोजन स्थल पर सुबह से लेकर शाम तक धार्मिक गतिविधियों का क्रम चलता रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
आयोजन समिति की व्यापक तैयारियां और जिम्मेदारियां
इस महायज्ञ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए आयोजन समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन के अध्यक्ष के रूप में विनोद कुमार सिंह (मुखिया) सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं संयोजक गुनगुन सिंह कार्यक्रम की रूपरेखा, संचालन और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
संरक्षक के रूप में सरवन कुमार (मुखिया) एवं अमरेंद्र ठाकुर (मुखिया) आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
समिति के अन्य पदाधिकारियों की भी अहम भूमिका
आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में समिति के अन्य पदाधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है। समिति में सचिव मिंटू सिंह, उपाध्यक्ष मुनि सिंह, उपसचिव राजकुमार यादव तथा कोषाध्यक्ष सुनील सिंह सहित अन्य सदस्य लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
इन सभी सदस्यों के समन्वित प्रयास से आयोजन स्थल की सजावट, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन स्थल लौटनिया पहाड़ को आकर्षक और धार्मिक स्वरूप में सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि दूर-दूर से आने वाले भक्त बिना किसी असुविधा के यज्ञ में भाग ले सकें।
सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, पूजा स्थल की स्वच्छता तथा अनुष्ठानों के संचालन की व्यवस्था को लेकर समिति लगातार सक्रिय है। इससे आयोजन का संचालन व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से हो रहा है।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश
आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर यज्ञ में भाग लेने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देगा।
नौ दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ से जपला और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा, धार्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक वातावरण का प्रसार हो रहा है। स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखी जा रही है।
न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजन से बढ़ती सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना
लौटनिया पहाड़ पर आयोजित यह भव्य यज्ञ क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक जागरूकता के साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। स्थानीय स्तर पर सामूहिक सहभागिता इस आयोजन की सफलता का मुख्य आधार बन रही है। आगे भी ऐसे आयोजनों से क्षेत्रीय एकता को नई दिशा मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था, संस्कृति और एकता के इस महायज्ञ से जुड़ें
धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं।
ऐसे पावन अवसर हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर देते हैं।
अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करें।
समाज में सद्भाव, सहयोग और एकता का संदेश फैलाएं।
अपने परिवार और परिचितों को भी इस पावन यज्ञ की जानकारी दें।
अपनी आस्था के साथ सहभागिता सुनिश्चित करें, अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और धार्मिक-सांस्कृतिक जागरूकता फैलाने में योगदान दें।