
#दुमका #सड़क_हादसा : स्टेट हाईवे पर दर्दनाक दुर्घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश।
दुमका–भागलपुर स्टेट हाईवे पर भंडारो गांव के पास एलपीजी गैस टेंकर और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब साढ़े पांच घंटे तक सड़क जाम रखा। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर लगभग पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के हस्तक्षेप और तत्काल सहायता के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया।
- दुमका–भागलपुर स्टेट हाईवे पर भंडारो गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा।
- एलपीजी गैस टेंकर और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर में स्कूटी सवार की मौत।
- हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब 5:30 घंटे तक सड़क जाम रखा।
- जाम के कारण लगभग 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार।
- पुलिस के समझाने पर जाम समाप्त, परिजनों को ₹25,000 की तत्काल सहायता।
- मृतक अपने पीछे पत्नी और दो नाबालिग बच्चे छोड़ गए।
दुमका जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दुमका–भागलपुर स्टेट हाईवे पर भंडारो गांव के समीप एलपीजी गैस टेंकर और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी सवार व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आमने-सामने की टक्कर में गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में आ रहे एलपीजी गैस टेंकर और स्कूटी की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद स्कूटी सवार सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश
दुर्घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यह जाम करीब 5 घंटे 30 मिनट तक चला, जिससे यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, जाम नहीं हटाया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की पहल से खुला जाम
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले संवाद के बाद प्रशासन ने मृतक के परिजनों को ₹25,000 की तत्काल सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। पुलिस ने एलपीजी गैस टेंकर को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जाम से प्रभावित रहा यातायात
लंबे समय तक चले सड़क जाम के कारण दुमका–भागलपुर स्टेट हाईवे पर दोनों ओर करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। बस, ट्रक, निजी वाहन और एंबुलेंस तक फंसे रहे। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय व्यापार और दैनिक आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में मृतक अपने पीछे पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में चिंता व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक ही परिवार का मुख्य सहारा थे और उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित और स्थायी मुआवजा देने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर स्टेट हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। वे स्पीड कंट्रोल, संकेतक और नियमित जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
न्यूज़ देखो: हादसे के बाद मुआवजा, पर क्या यही काफी है
दुमका–भागलपुर हाईवे पर हुआ यह हादसा प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है। तत्काल सहायता राहत जरूर देती है, लेकिन स्थायी समाधान के बिना दुर्घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और पीड़ित परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजा अब भी बड़ा सवाल है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, जिम्मेदार व्यवस्था
हर सड़क हादसा एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ देता है। नियमों का पालन, सख्त निगरानी और समय पर मुआवजा ही पीड़ितों को न्याय का एहसास दिला सकता है। समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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