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डुमरी प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत क्षेत्र में रबी फसल की सुरक्षा और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायत के पांच गांवों के ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में फसल उत्पादन बढ़ाने, आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान को रोकने तथा सामूहिक प्रयासों से खेती को सुरक्षित रखने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स)
- रबी फसल को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार बताया गया
- आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर गंभीर चिंता
- प्रति पशु 500 रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय
- गांव स्तर पर निगरानी और सामूहिक पहरेदारी पर सहमति
- प्रशासन और कृषि विभाग से सहयोग लेने का निर्णय
बैठक का उद्देश्य और चर्चा
रविवार को डुमरी में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रेम प्रकाश उरांव ने की। बैठक में शामिल किसानों ने कहा कि रबी फसल इस क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख साधन है। बेहतर उत्पादन से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्नत खेती पद्धतियों पर जोर
बैठक में उन्नत बीजों के उपयोग, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया। किसानों ने कहा कि यदि सही तकनीक और सामूहिक प्रयास किए जाएं तो रबी फसल का उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है।
आवारा पशुओं की समस्या पर सख्त निर्णय
ग्रामीणों ने बताया कि आवारा पशु रात के समय खेतों में घुसकर खड़ी और तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पशुपालकों से अपने पशुओं को नियंत्रित रखने की अपील की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि गाय, बैल, भैंस, बकरी सहित किसी भी पशु द्वारा फसल नुकसान की स्थिति में प्रति पशु 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
सामूहिक निगरानी और प्रशासनिक सहयोग
फसल सुरक्षा के लिए गांव स्तर पर निगरानी व्यवस्था, सामूहिक पहरेदारी और आपसी सहयोग से ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया। आवश्यकता पड़ने पर पंचायत प्रतिनिधियों, कृषि विभाग और प्रखंड प्रशासन से सहयोग लेने पर भी सहमति बनी।
उपस्थित ग्रामीण
बैठक में बीरेंद्र भगत, सुधीर उरांव, मदन भगत, जयचंद भगत, सरजू तिर्की, केश्वर कुम्हार, अनिल भगत, हेमंत भगत, रामकृपा भगत, अमूल भगत, बिलफ्रेड टोप्पो सहित डुमरी, पतराटोली, बेलटोली, टांगरडीह, बासाटोली, जिलिंगटोली और टंगराटोली के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
रबी फसल सुरक्षा को लेकर लिया गया यह सामूहिक निर्णय ग्रामीण स्तर पर आत्मनिर्भरता और अनुशासन का उदाहरण है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों की आर्थिक क्षति कम होगी और खेती के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
न्यूज़ देखो अपील
किसान, पशुपालक और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर इन निर्णयों को जमीन पर उतारें, ताकि रबी फसल सुरक्षित रहे और गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत बन सके।







