#खलारी #अवैध_खनन : मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में संयुक्त टीम ने जंगल में संचालित अवैध खदान नष्ट की।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के धमधमिया जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर माइनिंग विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। सूचना के सत्यापन के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध खदान को डोजरिंग कर ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- धमधमिया जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई।
- माइनिंग इंस्पेक्टर रौशन कुमार और थाना प्रभारी धनंजय बैठा के नेतृत्व में छापेमारी।
- अवैध रूप से संचालित खदान को डोजरिंग कर ध्वस्त किया गया।
- लंबे समय से मिल रही थीं अवैध खनन की शिकायतें।
- जांच शुरू, संलिप्त लोगों की पहचान कर होगी कानूनी कार्रवाई।
खलारी, रांची क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत धमधमिया जंगल में अवैध रूप से संचालित कोयला खदान पर माइनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जंगल में चल रही अवैध खदान को डोजरिंग कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस अभियान से अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
सूचना के सत्यापन के बाद पहुंची संयुक्त टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमधमिया जंगल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय स्तर पर लगातार सूचना मिलने के बाद माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से मामले का सत्यापन किया।
सत्यापन के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर रौशन कुमार और मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में माइनिंग विभाग के अधिकारी, स्थानीय थाना के पुलिसकर्मी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
डोजरिंग कर खदान को किया गया ध्वस्त
संयुक्त टीम जब धमधमिया जंगल पहुंची तो वहां अवैध रूप से कोयला उत्खनन किए जाने के स्पष्ट प्रमाण मिले। मौके पर सक्रिय खनन गतिविधियों को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।
अवैध रूप से संचालित खदान को डोजरिंग कर ध्वस्त कर दिया गया, ताकि भविष्य में वहां दोबारा खनन गतिविधियां शुरू न हो सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
थाना प्रभारी का बयान
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने बताया कि अवैध खनन की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं और इसे गंभीरता से लिया गया।
थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने कहा: “जंगल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। सूचना के सत्यापन के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर और पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से पहुंचकर अवैध खदान को डोजरिंग कर नष्ट किया गया। आगे भी अवैध उत्खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जांच अभियान शुरू कर दिया गया है और अवैध उत्खनन में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभियान शुरू, संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल खदान को ध्वस्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की भी पहचान की जाएगी। पुलिस और माइनिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध उत्खनन में शामिल व्यक्तियों और संभावित संरक्षण देने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में माइनिंग इंस्पेक्टर के अलावा मैकलुस्कीगंज थाना के बिरजू प्रसाद सहित सशस्त्र बल के जवान मौजूद थे।
जंगल क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती
धमधमिया जंगल क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से समृद्ध माना जाता है। ऐसे में अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध उत्खनन के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद यह संयुक्त अभियान चलाया गया।
न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई से सख्त संदेश
धमधमिया जंगल में हुई यह संयुक्त कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अवैध खनन को लेकर गंभीर है। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई जरूरी है। अब अहम यह होगा कि जांच में संलिप्त लोगों तक पहुंचकर कानूनी कार्रवाई कितनी प्रभावी ढंग से की जाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्राकृतिक संपदा की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी
जंगल और खनिज संसाधन राज्य की अमूल्य धरोहर हैं।
अवैध उत्खनन न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि पर्यावरण के लिए भी घातक है।
जरूरत है कि समाज और प्रशासन मिलकर ऐसे कार्यों के खिलाफ आवाज उठाएं।
यदि आपके आसपास अवैध गतिविधियां दिखें तो संबंधित विभाग को सूचित करें।
अपनी राय कमेंट में लिखें, खबर को साझा करें और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के अभियान को मजबूत बनाएं।