
#जारीथाना #डूमरपानीघटना : घरेलू विवाद के बाद कोरवा युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से गांव शोकाकुल।
जारी थाना क्षेत्र के गोबिन्दपुर पंचायत अंतर्गत कोरवा जनजाति बहुल गांव डूमरपानी में गुरुवार शाम एक 30 वर्षीय युवक की फांसी लगाकर मौत हो गई। मृतक की पहचान गोबरधन कोरवा के रूप में हुई है, जिसे परिजन उपचार के लिए जशपुर अस्पताल ले गए थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।
- डूमरपानी गांव में गुरुवार शाम युवक ने फांसी लगाकर जान दी।
- मृतक की पहचान गोबरधन कोरवा, उम्र लगभग 30 वर्ष के रूप में हुई।
- घरेलू विवाद और नशे की हालत में घटना को अंजाम देने की आशंका।
- इलाज के लिए जशपुर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित।
- जारी थाना पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा।
- घटना के बाद पूरे गांव में शोक और गमगीन माहौल।
जारी थाना क्षेत्र के गोबिन्दपुर पंचायत अंतर्गत आने वाले डूमरपानी गांव से गुरुवार की शाम एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव निवासी गोबरधन कोरवा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण सकते में आ गए और गांव का माहौल पलभर में गमगीन हो गया। आनन-फानन में युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना का पूरा विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोबरधन कोरवा गुरुवार को शाम करीब 5 बजे अपने घर के आसपास मौजूद था। बताया जा रहा है कि वह उस समय नशे की हालत में था और किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद उसने गांव के पास स्थित करंज के पेड़ में फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। कुछ समय बाद जब परिजनों और ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी, तो तुरंत शोर मचाया गया और युवक को फंदे से नीचे उतारा गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन युवक को बचाने की उम्मीद में तत्काल जशपुर (छत्तीसगढ़) स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इस खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और अस्पताल परिसर में भी शोक का माहौल बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही जारी थाना पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
गांव में शोक और सन्नाटा
गोबरधन कोरवा की असामयिक मौत से डूमरपानी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। कोरवा जनजाति बाहुल्य इस गांव में हर घर में गम का माहौल है। परिजन गहरे सदमे में हैं और गांव के लोग घटना को लेकर स्तब्ध नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि युवक सामान्य स्वभाव का था, जिससे इस घटना ने सभी को भीतर तक हिला दिया है।
सामाजिक और पारिवारिक पहलू
ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू विवाद, नशे की लत और मानसिक तनाव अक्सर ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं। इस मामले में भी प्रारंभिक जानकारी घरेलू विवाद और नशे की ओर इशारा कर रही है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण समाज में मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जरूरत को सामने रखा है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण समाज के लिए गंभीर चेतावनी
डूमरपानी की यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। घरेलू तनाव और नशे की समस्या किस तरह जानलेवा रूप ले सकती है, यह मामला साफ दिखाता है। प्रशासन और समाज दोनों को ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और सहयोग की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनशीलता और जागरूकता ही समाधान
ऐसी दुखद घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों तक समय पर मदद कैसे पहुंचे। परिवार, समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है कि संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया जाए। नशे से दूरी और मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बातचीत ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।
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