रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला आरपीएफ जवान की सतर्कता से महिला की जान बची

रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला आरपीएफ जवान की सतर्कता से महिला की जान बची

author Braj Snehi
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#रांची #रेलवे_हादसा : लोहरदगा की महिला चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में गिरी आरपीएफ जवान ने दिखाई सूझबूझ
  • रांची रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात बड़ा हादसा टल गया।
  • आरपीएफ कांस्टेबल संजय भगत की सतर्कता से महिला यात्री की जान बची।
  • महिला चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई।
  • घटना ट्रेन संख्या 18086 खड़गपुर मेमू के प्रस्थान के समय की है।
  • महिला का नाम आशा कुमारी, पति सुनील उरांव (अकाशी थाना, भंडरा, लोहरदगा) बताया गया।

रांची रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात उस वक्त अफरातफरी मच गई जब ट्रेन संख्या 18086 खड़गपुर मेमू के प्रस्थान के दौरान एक महिला यात्री चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में फिसलकर गिर गई। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद आरपीएफ कांस्टेबल संजय भगत ने तुरंत सतर्कता दिखाई और महिला को प्लेटफॉर्म पर खींचकर बाहर निकाला। तेज प्रतिक्रिया और बहादुरी से उन्होंने महिला की जान बचा ली जिससे बड़ा हादसा टल गया।

आरपीएफ जवान की बहादुरी बनी मिसाल

घटना रात करीब ट्रेन के प्रस्थान के समय की है जब प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इसी बीच एक महिला यात्री चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगी। तभी उसका संतुलन बिगड़ा और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फिसल गई। पास ही ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल संजय भगत ने बिना एक पल गंवाए महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उपस्थित यात्रियों ने उनकी सूझबूझ और साहसिक कदम की सराहना की।

आरपीएफ जवान ने कहा: “हमारी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा है। ऐसे वक्त में तुरंत कार्रवाई ही जान बचा सकती है।”

महिला ने बताई अपनी व्यथा

राहत मिलने के बाद महिला ने अपना नाम आशा कुमारी और पति का नाम सुनील उरांव, निवासी अकाशी थाना, भंडरा, लोहरदगा बताया। उन्होंने कहा कि वह लोहरदगा जाने के लिए रांची आई थीं लेकिन गलती से गलत ट्रेन में चढ़ गईं। जब उन्हें पता चला कि ट्रेन खड़गपुर जा रही है तो घबराहट में उतरने की कोशिश की और हादसे का शिकार होते-होते बचीं।

यात्रियों ने जताई राहत रेलवे ने की सराहना

इस घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। आरपीएफ द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर यात्रियों का भरोसा और मजबूत हुआ है। अधिकारियों ने भी कांस्टेबल संजय भगत के साहस की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कर्मी रेलवे की सुरक्षा प्रणाली की रीढ़ हैं।

एक यात्री ने कहा: “अगर जवान एक सेकंड भी देर कर देते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उनकी सजगता काबिल-ए-तारीफ है।”

रेलवे प्रशासन का संदेश

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में चलती ट्रेन से चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। रेलवे ने यह भी कहा है कि सभी प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ कर्मी यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं लेकिन सुरक्षा का पहला कदम खुद यात्री की सावधानी है।

न्यूज़ देखो: रांची स्टेशन की सजगता ने बचाई जान

यह घटना दिखाती है कि सुरक्षा बलों की तत्परता और जागरूकता कितनी अहम होती है। आरपीएफ जवान संजय भगत की बहादुरी न केवल महिला के लिए जीवनदान बनी बल्कि यह सबक भी देती है कि सतर्कता और जिम्मेदारी से कई हादसों को रोका जा सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजगता ही सुरक्षा की असली ताकत

इस घटना से साफ है कि हादसे पलभर की लापरवाही से हो सकते हैं लेकिन सजगता जीवन बचा सकती है। यात्रियों को चाहिए कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षा बलों के निर्देशों को गंभीरता से लें। अब समय है कि हम सब मिलकर ऐसी घटनाओं से सबक लें जागरूक बनें और दूसरों को भी सुरक्षा के प्रति सचेत करें। अपनी राय कमेंट करें खबर को शेयर करें और संदेश फैलाएं — सुरक्षा पहले जल्दबाज़ी बाद में।

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रांची

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